अमित शाह का इस्तीफा मांगने पर भड़के एमएलसी दिनेश सिंह

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पहले असफलता की परिभाषा जानें व समझें सोनिया गाँधी, फिर लगाए आरोप । जो काम नेहरू, गाँधी खानदान व 130 साल पुरानी कांग्रेस नही कर पाई वह एक साल में कर दिखाया अमित शाह ने- दिनेश सिं

रायबरेली। एम०एल०सी० दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि परिवारवाद से पार्टी को विनाश तक ले जाने वाला काग्रेस हर मामले में असफल हो जाने के बाद देश हित में किये जा रह काया खोट निकाल रही है। राष्ट्रहित में प्रधानमंत्री आदरणीय नरेन्द्र मोदी जी और गृहमन्त्रा शाह जी द्वारा लिये जा रहे फैसलों ने पुरे विश्व में भारत का सिर ऊँचा किया है।

आदरणीय नरेन्द्र मोदी जी और गृहमंत्री मा० अमित शाह क्षेत्र के हर जनहित के मुददे पर मॉगना न केवल हास्यास्पद है बल्कि उनकी बौखलाहट का प्रमाण भी है ।

सालसी ने सांसद श्रीमती सोनिया गाँधी जी द्वारा दिये बयान की कड़े शब्दों में निन्दा करते हुए कहा कि रायबरेली का किसान अपनी फसल बचाने में परेशान है, जिसके लिए सोनिया गॉधी ने अपनी सांसद निधि से एक गाशाला तक नहीं बनवा सकी और पूरी रायबरेली में ढोल पिटवा रही है कि छुट्टा जानवर किसानों के खेत चर रहे है, रायबरेली की जनता ने जिस काम के लिए वोट देकर उन्हें संसद तक पहुंचाया है और जिस काम के लिए रायबरेली की जनता की गाढ़ी कमाई से सोनिया गाँधी जी हर महीने वेतन लेती है उस काम को कभी नही किया, आज तक संसद में रायबरेली का सांसद, रायबरेली की समस्याओं और विकास की बात कभी कह तक न पाया हो, ऐसे असफल सांसद को इस्तीफा दे देना चाहिए, जो सांसद अपने राजनैतिक विरोधियों से जनता के बीच न लड़कर व्यक्तिगत लड़ाई लड़ते हुए न्यायालयों में वकील खड़ा करके लड़ाई लड़े वह असफल ही कहा जायेगा, इसलिए नैतिकता के आधार पर आपको इस्तीफा दे देना चाहिए।

रायबरेली की जनता देख रही है कि भारत के गृहमंत्री के इस्तीफा मांगने के लिये भी अकल नही, नकल का सहारा लिया जाता है इसलिए आपको इस्तीफा दे देना चाहिए।भारतवासी आज गर्व महसूस कर रहा है भारत में आज भारतीय संस्कार, संस्कृति स्थापित हो रही है अगर देश की जनता जाग न जाती मोदी जी को न ले आती तो देश से हिन्दा, हि हिन्दुस्तान को गॉधी-नेहरू खानदान खतम करके, मझे पता नहीं में सफल होऊगा या असफल लेकिन रायबरेली में इस अनीति का जवाब इटा की जगह पत्थर से देता रहूँगा और रायबरेला की हर गाँव गली से यह बात आएगी कि रायबरेली की सांसद रायबरेली के लिए नही सिर्फ गाँधा पारवार और कांग्रेस के लिए ही है।

शिवा मौर्या

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