आखिर क्यों 604 आवेदन निरस्त कर दिए छात्रवृत्ति के

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रायबरेली। डिग्री कॉलेजों में अध्ययनरत छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के के लिए संदिग्ध पाए 7921 छात्र-छात्राओं के डाटा की जांच पूरी हो गई है। निदेशालय के आदेश पर हुई जांच में 604 आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं। जांच में सही पाए गए 7317 आवेदनों की रिपोर्ट निदेशालय भेज दी गई है। जल्द ही छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ मिलेगा।

जिले के डिग्री कॉलेज व विभिन्न संस्थाओं में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं ने शुल्क प्रतिपूर्ति और छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन किया गया। जिले में अनुसूचित जाति-जनजाति और सामान्य वर्ग के करीब 21 हजार छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया था। ऑनलाइन आवेदन के बाद निदेशालय के स्तर पर जांच हुई तो 7921 से अधिक छात्र-छात्राओं के डाटा संदिग्ध पाए गए।
हाईस्कूल के रिकॉर्ड के साथ ही आय और जाति प्रमाणपत्र सहित अन्य अभिलेखों में गड़बड़ियां पकड़ में आई थी। ऑनलाइन आवेदनों की जांच में नाम, आय, पिछले शैक्षिक रिकॉर्ड, बैंक खाता आदि में गड़बड़ियां पकड़ में आने के बाद निदेशक ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को संदिग्ध डाटा की जांच कराकर सत्यापित करते हुए रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए थे।
शासन से आए संदिग्ध डाटा की जांच की गई तो 604 आवेदनों में बड़ी खामियां होने के बाद उन्हें निरस्त कर दिया गया है। शेष बचे 7317 आवेदनों को सत्यापित करके छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के भुगतान के लिए रिपोर्ट निदेशालय को भेज दी गई है। जल्द ही छात्र-छात्राओं को योजना का लाभ मिलेगा।
संदिग्ध छात्र-छात्राओं के डाटा व निरस्त आवेदन
जाति संदिग्ध डाटा निरस्त आवेदन
अनुसूचित जाति 3774 342
जनजाति 16 06
सामान्य जाति 4131 256
कुल 7921 604
जिले में शुल्क प्रतिपूर्ति व छात्रवृत्ति के 7921 छात्रों के डाटा संदिग्ध पाए गए थे। जांच में बड़ी गड़बड़ियां मिलने के कारण 604 आवेदनों को निरस्त कर दिया गया है। सही पाए गए 7317 आवेदनों को सत्यापित करके निदेशालय रिपोर्ट भेज दी गई है। जल्द ही छात्र-छात्राओं योजना का लाभ मिलेगा। -रामचंद्र दुबे, जिला समाज कल्या अधिकारी।

अनुज मौर्य एक्सकलुसिव रिपोर्ट

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