आख़िर क्यो रिफाइंड राइस ब्रान ऑयल के निर्माता पर लगा 1.50 लाख का जुर्माना

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रायबरेली। एफएसडीए के अभियान में सील किए गए खाद्य पदार्थों के नमूने जांच में फेल पाए जाने के बाद एडीएम (प्रशासन) राम अभिलाष ने मुकदमों की सुनवाई करते हुए मिलावटखोरों पर जुर्माना ठोंका है। कानपुर के रिफाइंड राइस ब्रान ऑयल के निर्माता पर 1.50 लाख और विक्रेता व दुकानदार पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना किया गया है। लखनऊ के सहजभोग सिंघाड़ा आटा के मालिक पर भी जुर्माना हुआ है। सभी को एक माह के अंदर जुर्माने की धनराशि जमा करने के आदेश दिए गए हैं। ऐसा न करने पर तहसील के माध्यम से वसूली के आदेश दिए गए हैं।

सरेनी क्षेत्र के लच्छीखेड़ा निवासी शिवाकांत की दुकान से राइस ब्रान ऑयल का नमूना सील किया गया था। प्रयोगशाला की जांच में नमूना फेल पाए जाने पर एडीएम कोर्ट में मुकदमा किया गया था। एडीएम ने मुकदमों की सुनवाई करते हुए निर्माता शिव आनंद उद्योग 75/21 कलेक्टरगंज कानपुर पर 1.50 लाख रुपये का जुर्माना किया है। दुकानदार शिवाकांत व संजय मोहन पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना किया है। इसके अलावा कुंदनगंज क्षेत्र के दूलमपुर में सत्यम की दुकान से भरे गए सहजभोग सिंघाड़ा के आटे का नमूना फेल होने पर तरू स्माइल कॉटेज बावली बाजार सादतगंज लखनऊ पर 10 हजार और दुकानदार पर 10 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है।
इसके अलावा गुलाब रेवड़ी का नमूना फेल होने पर ईश्वरदासपुर निवासी दुकानदार पर दो हजार रुपये, पानी का नमूना फेल आने पर बेहटा चौराहा निवासी रणजीत सिंह व एक अन्य पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना किया है। दही का नमूना फेल होने पर रतापुर निवासी अजीत गुप्ता पर 15 हजार और सिविल लाइन निवासी कृष्णा फूड्स वर्कस पर पनीर का नमूना फेल होने पर पांच हजार का जुर्माना किया गया है। चंदई रघुनाथपुर निवासी मनोज कुमार पर पनीर का नमूना फेल होने पर 10 हजार, पेड़ा का नमूना फेल होने पर चिंताखेड़ा निवासी राकेश कुमार पर 10 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है। लड्डू का नमूना फेल होने पर सलोन के विमल स्वीट्स के मालिक पर 15 हजार जुर्माना किया है। सभी को एक माह में जुर्माने की धनराशि जमा करने के आदेश दिए गए हैं।
खाद्य पदार्थों के नमूने जांच में फेल आने के बाद एडीएम प्रशासन के न्यायालय में मुकदमे किए गए थे। कई मुकदमों में मिलावटखोरों पर जुर्माना हुआ है। राइस ब्रान ऑयल, सहजभोग सिंघाड़ा आटा, पनीर, पानी, पेड़ा आदि के मामलों में जुर्माना हुआ है। सभी को एक माह में जुर्माने की धनराशि जमा करने के आदेश दिए गए हैं।
इंद्र बहादुर यादव, अभिहित अधिकारी एफएसडीए

अनुज मौर्य रिपोर्ट

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