इस आईजी ने लिया मासूम को गोद, कहा बनाऊंगा अफसर

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फर्रुखाबाद केस में मृतक की बेटी की आईजी ने ली जिम्मेदारी

न्यूजडेस्क – “पुलिस” ऐसा शब्द है जिसको सुनते ही मन मे ऐसे ख्याल आने शुरू हो जाते हैं जिसके लिए पुलिस अक्सर बदनाम होती रहती है, जैसे बेगुनाह पर जुल्म , रिश्वत लेने या अन्य नकारात्मक बातें मन मे आ जाती हैं, मगर कुछ पुलिस अधिकारी व पुलिसकर्मी ऐसे हैं जो लगातार अपने कार्य के लिए जाने जाते हैं, पुलिस विभाग में भी नवनीत सिकेरा, ए सतीश गणेश, सहित ईमानदार व सराहनीय कार्य करने वाले अधिकारियों में एक और नाम शामिल है और वह हैं आईजी मोहित अग्रवाल जिन्होंने फिर एक बार पुलिस का मान बढ़ाया है।

मुठभेड़ में मारे गए सिरफिरे की बेटी को लिया गोद

फर्रुखाबाद में मुठभेड़ में ढेर हुए अपहरणकर्ता सुभाष बाथम की मासूम बेटी को आईजी मोहित अग्रवाल ने गोद लिया और कहा मासूम बेटी को पढा लिखाकर अधिकारी बनाऊंगा, कानपुर रेंज के जनलोकप्रिय, ईमानदार, युवा आईजी मोहित अग्रवाल की सराहना हो रही है।

बर्थडे के नाम पर बनाया था बच्चों को बंधक

विदित हो कि फर्रूखाबाद में गुरुवार को बेटी की बर्थडे पार्टी के नाम पर 23 बच्चों को अपने घर बुलाकर तहखाने में 12 घंटों तक बंधक बना लिया था, बाद में बंधक बनाकर रखने वाले अपहरणकर्ता सुभाष बाथम को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था और सभी बच्चों को सुरक्षित निकाला गया था, ग्रामीणों ने सुभाष की पत्नी रूबी को भी पीटा था जिससे उसकी अस्पताल में मौत हो गई थी।

आईजी बने सहारा

सुभाष और रूबी की मौत के बाद 1 साल की बेटी गौरी को कानपुर रेंज आईजी रेंज मोहित अग्रवाल ने गोद लिया है, और अब उसकी देखभाल व पढ़ाई की जिम्मेदारी आईजी खुद उठाएंगे, कानपुर रेंज के कर्मठ आईजी मोहित अग्रवाल ने कहा की सुभाष बाथम और रूबी के मृत्यु के बाद 1 साल की गौरी बिल्कुल अकेली हो गई थी घटना के दो दिन बीतने के बावजूद उसका कोई भी रिश्तेदार उसे लेने नही आया, बीते दो दिनों से महिला कांस्टेबल उसे संभाल रही है, इसलिए मासूम गौरी की देखरेख और उसके पालन-पोषण की जिम्मेदारी हमने और हमारे विभाग ने ली है और उसे अच्छी शिक्षा-दीक्षा दिलाकर उसे अफसर बनाएंगे।

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