एक दिवसीय एनीमिया जागरूकता एवं स्वास्थ्य शिविर सम्पन्न

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बाबा साहब बीआर अम्बेडकर विश्वविद्यालय की ओर किया गया शिविर का आयोजन

 अम्बेडकर विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने लिया एनीमिया मुक्त भारत बनाने का संकल्प

रायबरेली। शिवगढ़ क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवगढ़ प्रांगण में बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय के तत्वाधान में मानव विकास एवं परिवार अध्ययन गृह विज्ञान विद्यापीठ की ओर से एनीमिया मुक्त भारत बनाने के उद्देश्य से 5 सदस्यीय प्रोफेसर दल व उनके साथ आए होम साइंस पर शोध कर रहे 55 छात्रों द्वारा एक दिवसीय एनीमिया जागरूकता स्वास्थ्य शिविर का भव्य आयोजन किया गया। जिसका शुभारम्भ बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय संकाय अध्ययन से मुख्य अतिथि के रुप में एडीजी पुलिस की पत्नी एवं संकायाध्यक्ष प्रोफेसर सुनीता मिश्रा, विभागाध्यक्ष डॉ.यू.वी.किरन, डॉ. शर्मिला,डॉ.नीतू सिंह,डॉ. शालिनी अग्रवाल,स्वाती राय व सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर एलपी सोनकर ने बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर पुष्पमाला चढ़ाने के बाद महिलाओं एवं आशा बहुओं को फल वितरित कर एनीमिया जागरूकता शिविर का शुभारम्भ किया।

जागरूकता शिविर को संबोधित करते हुए प्रोफेसर डॉ.सुनीता मिश्रा ने कहा कि एनीमिया महिलाओं एवं बच्चों के लिए बहुत ही घातक है जिससे बचने के लिए हरी सब्जियों फलों एवं पत्तियों वाली सब्जियों का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें। गांव में नि:शुल्क रूप से मिलने वाली सहजन की फलियों एवं उसकी पत्तियों का प्रयोग करें। गर्भावस्था के दौरान काले अंगूर, संतरे एवं केले का नियमित सेवन करें। डॉ. नीतू सिंह ने कहाकि हीमोग्लोबिन एक पदार्थ है जिससे हम खून की मात्रा डिफाइंड करते हैं। जो हमारे प्रोटीन और विटामिन सी के संयुक्त प्रयोग से आता है। आयरन के साथ-साथ हमें और कुछ तत्वों का भी ध्यान रखना है जिसमें प्रोटीन, विटामिन बी 12, फोलिक एसिड सब मिलाकर हमारी गुणवत्ता को बढ़ाएंगे।

 होम साइंस की विभागाध्यक्ष डॉ. यूवी किरन ने अपने संबोधन में कहा कि हम लोग पानी की बोतल, दूध की पाउच आदि का प्रयोग करने के बाद प्लास्टिक को फेंक देते हैं जो हमारे वातावरण के लिए बहुत ही हानिकारक है जिसके प्रयोग से हमें बचना होगा। वहीं डॉ.शालिनी अग्रवाल ने महिलाओं एवं आशाओं को जागरूक करते हुए कहा कि माहवारी के दौरान युवतियों को नैपकिंस के प्रयोग एवं उसका डिस्पोज करना सिखाएं जिससे हमारा पर्यावरण स्वच्छ और सुरक्षित बना रह सके। डॉक्टर शर्मिला ने अपने संबोधन में कहा कि कंगारू मदर केयर के विषय में जो सुनकर आए थे आज पता चला है कि शिवगढ़ कंगारू मदर केयर की मातृभूमि है, आज यहां आकर हम सभी अपने आपको गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। वहीं शोधकर्ता छात्रा स्वाती राय ने महिलाओं को एनीमिया के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि छोटे बच्चों के पेट में कीड़े होते हैं जिसके लिए एल्बेंडाजोल का प्रयोग करते हैं,जिसके प्रयोग से कीड़े समाप्त हो जाते हैं। पेट में जो कीड़े होते हैं वह रक्त को खत्म करते हैं, जिससे बच्चे एनीमिया का शिकार हो जाते हैं,वहीं 15 से 49 वर्ष तक की जो महिलाएं होती हैं उनका माहवारी के समय काफी ज्यादा रक्त बह जाता है, इस तरह से महिलाएं एनीमिया का शिकार हो जाती हैं। गर्भावस्था के दौरान काफी ज्यादा महिलाएं एनीमिया का शिकार हो जाती हैं। हमारे देश में 80 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया से पीड़ित पाई गई हैं। गर्भावस्था के दौरान मां की साथ की बच्चे को भी रक्त की जरूरत पड़ती है, इसलिए मां के शरीर में रक्त कणिकाओं की मात्रा तेजी से बढ़नी चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो मां और बच्चा दोनों एनीमिया से ग्रसित होकर कमजोर हो जाते हैं। कभी-कभी तो दोनों की जान को भी खतरा हो जाता है। जिसके मुख्य लक्षण चक्कर आना, थकन महसूस होना, हृदय गति तेज हो जाना, सांस फूलना, आंखों के नीचे सूजन आ जाना आदि लक्षण है।

जिसकी रोकथाम के लिए बच्चों को साफ-सफाई से रखें, घरों के आस-पास साफ सफाई रखें,पोषकयुक्त भोजन एवं हरी सब्जियों और फलों का प्रयोग करें। कार्यक्रम को सफल बनाने में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवगढ़ के अधीक्षक डॉ ए.पी. सोनकर चिकित्साधिकारी डॉ. सौरभ सिंह, डॉ. प्रेम शरन डॉ.अनिल डॉ.समीक्षा सिंह, डॉ अनुराग तिवारी, डॉ. विजय वर्मा, फार्मासिस्ट अनुपम शुक्ला, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी जयराम यादव सहित लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

प्रोफेसरों एवं शोधकर्ताओं ने सीइएल एवं केएमसी को करीब से जाना

 शिविर के समापन पर अम्बेडकर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एवं शोधकर्ताओं ने सीएचसी शिवगढ़ में स्थित केएमसी लाउंज एवं शिवगढ़ राजमहल में स्थित कम्युनिटी एंपावरमेंट लैब सक्षम शिवगढ़ ऑफिस का विजिट किया। जहां सभी ने कम्युनिटी एंपावरमेंट लैब के कार्य एवं उद्देश्य को बखूबी व करीब से समझा साथ ही भविष्य में पुनः आने या अवसर मिलने पर साथ कार्य करने के लिए प्रेरित भी हुई।सभी ने सीइएल के कार्यों की प्रशंसा की साथ ही आश्चर्य भी किया कि ऐसा अंतरराष्ट्रीय कार्य शिवगढ़ जैसे क्षेत्र में हो रहा है। सभी ने एक वृहद कार्यक्रम पुनः शिवगढ़ में करने की इच्छा जाहिर की। इस मौके पर अग्रिमा आरती, निर्मला, अनुपम शुक्ला, मन्नू, सत्य प्रकाश सहित शिवगढ़ थानाध्यक्ष राकेश सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर तैनात रहे।

शिवगढ़ थानाध्यक्ष राकेश सिंह को किया गया सम्मानित

नवागंतुक शिवगढ़ थानाध्यक्ष राकेश सिंह को चंद दिनों में पुलिसिंग व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए कम्युनिटी एंपावरमेंट लैब सक्षम शिवगढ़ की ओर से एडीजी की पत्नी एवं बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय की संकायाध्यक्ष प्रोफेसर सुनीता मिश्रा ने पौधा एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।

शोधकर्ताओं ने निकाली जागरूकता रैली

बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के शिवगढ़ आए 55 शोधकर्ताओं ने एनीमिया जागरूकता एवं प्लास्टिक हटाओ,पर्यावरण बचाओ जागरूकता रैली निकालकर लोगों को जागरूक किया। और लोगों से अपील की प्लास्टिक की थैलियों बोतलों एवं बर्तनों न करें। शोधकर्ताओं ने कहा कि यदि अभी हम नहीं चेते तो इसका खामियाजा आने वाली पीढ़ियों को भुगतना पड़ेगा।

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