और जब पूरे जिले में एमरजेंसी सर्विसेज की दुकानों में भी लटका रहा ताला

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रायबरेली

  • जिलाधिकारी ने दिए थे सभी एमरजेंसी सर्विसेज को खोले रखने के आदेश
  • खुले रहने थे हॉस्पिटल, पैथोलॉजी और मेडिकल स्टोर

जहां एक ओर जहां पूरा विश्व इस वक़्त कोरोना वायरस की दवा खोजने में जुटा हैं तो वही लोगो के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए सरकार ने 75 जिलो को लॉक डाउन कर दिया जो 25 तारीख तक पूरी तरह बंद रहेंगे केवल एमरजेंसी सर्विसेज ही चालू रहेगी ।आपको बताते चले रायबरेली जिले में भी रविवार का दिन पूरी तरह सन्नाटा से गुजरा लोग अपने घरों में दुबके रहे तो वही जिलाधिकारी ने एमरजेंसी सर्विसेज को खोले रखने के आदेश दिए थे लेकिन कोई भी मेडिकल स्टोर, राशन की दुकान, दूध की दुकानें ,पैथालॉजी व अन्य एमरजेंसी सर्विसेज की दुकानो में ताला लटकता रहा जिसके कारण लोग दिनभर राशन,दवा,दूध व अन्य जरूरी सामान के लिए भटकते रहे जबकि मुख्यमंत्री ने भी सख्त आदेश दिए थे कि सारी एमरजेंसी सर्विसेज चालू रहेगी लेकिन ऐसा नही हुआ

तेजी से पांव पसार रहे कोरोना वायरस से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें अपने स्तर पर प्रयास कर ही रही हैं, अब स्थानीय प्रशासन भी सक्रिय हो गया है.रायबरेली में आवश्यक सेवा अधिनियम के तहत आने वाली वस्तुओं की दुकान, कार्यालय को छोड़कर अन्य सभी दुकान और प्रतिष्ठान बंद करने के आदेश दिए थे ।

शुक्रवार को जिलाधिकारी की ओर से जारी आदेश में कहा गया था कि सभी दुकानें और प्रतिष्ठान 22 मार्च तक बंद रहेंगे. हालांकि, इस आदेश में आवश्यक सेवा अधिनियम के तहत आने वाली वस्तुओं की दुकान और कार्यालयों को छूट दी गई थी. राशन की दुकानें, दूध की दुकान, रसोई गैस के गोदाम खुले रहेंगे. हॉस्पिटल, पैथोलॉजी और मेडिकल स्टोर खुले रहेंगे. जिलाधिकारी ने इन्हें छोड़कर सभी प्रतिष्ठान और कार्यालय बंद रखने के आदेश दिए थे लेकिन इसे लोगों में जानकारी का अभाव कहा जाए या जानबूझकर उन्होंने इतनी बड़ी लापरवाही करी हैं ये तो अब उच्च अधिकारी ही बता सकते है फिलहाल सरकार के आदेश को न मानने वालों पर क्या उच्च अधिकारी कोई कार्यवाही करते भी हैं या नही ये आने वाला वक़्त ही बताएगा।

अनुज मौर्य रिपोर्ट

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