जल्द ही ATM से पैसा निकालना हो सकता है महंगा

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बैंक उपभक्ताओं को ATM से पैसा निकालने पर उन्हें चार्ज देना पड़ सकता है. ATM ऑपरेटर एसोसिएशन ने रिजर्व बैंक को पत्र लिखा है. जिसमें नकदी निकासी के लिए लगने वाले इंटरचेंज फी में बढ़ोतरी की गुहार लगाई है. माना जा रहा है कि RBI की तरफ से गठित कमेटी की रिपोर्ट को अमली जामा पहना दिया जाएगा.

ATM से कैश निकालने की फीस बढ़ाना चाहते हैं ऑपरेटर

ATM ऑपरेटर एसोसिएशन ने रिजर्व बैंक को पत्र लिख कर कहा है कि इंटरचेंज फी कम होने की वजह से उन्हें भारी घाटा और कारोबार में नुकसान हो रहा है. हाल में ही रिजर्व बैंक ने सुरक्षा पर अधिक ध्यान देने के लिए एटीएम ऑपरेटर को निर्देश दिए हैं. इसकी वजह से भी उनका खर्च बढ़ा है. RBI की गाइडलाइंस के मुताबिक ATM ऑपरेटर को प्रति ट्रांजेक्शन पर 15 रुपये इंटरचेंज फीस के रूप में मिलते हैं. RBI के डेटा के मुताबिक अभी देश भर में 2 लाख 27 हजार ATM संचालित हो रहे हैं. टेलर मशीनों की संख्या में इजाफा 2018 में देखने को मिला जब बैंकों ने मशीन की सुरक्षा और बढ़ते खर्च को देखते हुए लगाना छोड़ दिया. ऑपरेटरों की मांग को देखते हुए RBI ने एक कमेटी का गठन किया था. सूत्रों के मुताबिक कमेटी जल्द ही RBI को अपनी सिफारिश सौंपने वाली है. माना जा रहा है कि रिजर्व बैंक से हरी झंडी मिलने के बाद प्रस्तावों को लागू कर दिया जाएगा.

ATM ऑपरेटर एसोसिएशन ने निकासी पर फी के पीछे अपने कारोबार पर पड़नेवाले भार का तर्क दिया है. भारत के एटीएम ऑपरेटर के संगठन ने रिजर्व बैंक को एक पत्र लिखा है जिसमें ग्राहकों की तरफ से नकदी निकासी के लिए लगने वाले इंटरचेंज फीस को बढ़ाने की मांग की है. एटीएम ऑपरेटर का कहना है कि इंटरचेंज फीस कम होने की वजह से उन्हें भारी घाटा हो रहा है और कारोबार में भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. ATM संचालन की कमी पर ऑपरेटर का मानना है कि इंटरचेंज फीस कम होने की वजह से देश में नई एटीएम मशीन लगाने की स्पीड पर असर पड़ा है. सूत्रों के मुताबिक कमेटी जल्द ही RBI को अपनी सिफारिश सौंपने वाली है. माना जा रहा है कि रिजर्व बैंक से हरी झंडी मिलने के बाद प्रस्तावों को लागू कर दिया जाएगा. इससे पहले RBI की एक उच्चस्तरीय समिति ने देश में ATM की संख्या बढ़ाने के लिए कुछ सुझाव दिए थे.

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