दीनदयाल शोध संस्थान में विश्वकर्मा जयंती मनाई गई

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चित्रकूट: आदि शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की जयंती शनिवार को श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के वातावरण में धूमधाम से मनाई गई।

दीनदयाल शोध संस्थान के प्रकल्प उद्यमिता विद्यापीठ, दीनदयाल औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र एवं आरोग्यधाम परिसर में स्थापित रसशाला तथा आयुर्वेद सदन, हर्वल गार्डन में भगवान विश्वकर्मा जयंती मनाई गई। इस दौरान दीनदयाल शोध संस्थान के सभी कर्मशाला एवं प्रयोगशालाओं में मशीनों, उपकरणों की पूजा की गई।

इस मौके पर हवन पूजन और आरती व प्रसाद वितरण हुआ। उद्यमिता विद्यापीठ के संयोजक मनोज सैनी एवं दीनदयाल आईटीआई के प्राचार्य संजय दुबे बताते हैं कि भगवान विश्वकर्मा सृष्टि के निर्माणकर्ता हैं। अत: सभी उत्पादन सह प्रशिक्षण इकाइयों में एवं तकनीकी संस्थाओं में प्रतिवर्ष जयंती पर उपकरणों का पूजन कर कार्यक्रम किए जाते हैं। यह कार्यक्रम उत्साह से मनाया जाता है।

इस दौरान कर्मशाला और प्रयोगशाला में उपकरणों की साफ सफाई एवं सजावट की जाती है। पूजन कार्यक्रम संपन्न कराते हुए भागवत एवं ज्योतिषाचार्य पंडित राम विशाल शुक्ल बताते हैं कि अश्विन माह की कन्या संक्रांति के दिन विश्वकर्मा पूजा की जाती है।

इसी दिन भगवान विश्वकर्मा का जन्म हुआ था। शास्त्रों में ऐसी मान्यता है कि विश्वकर्मा जयंती पर भगवान विश्वकर्मा की पूजा करने से कारोबार में वृद्धि होती है। धन-धान्य और सुख-समृद्धि के लिए भगवान विश्वकर्मा की पूजा करना आवश्यक और मंगलदायी है।

इस दिन उद्योगों, फैक्ट्रियों और मशीनों की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन विश्वकर्मा पूजा करने से खूब तरक्की होती है और कारोबार में मुनाफा होता है। दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव अभय महाजन भी पूजा में सम्मिलित होकर भगवान विश्वकर्मा की आरती किए।

पूजन कार्यक्रम में उप महाप्रबंधक डॉ अनिल जायसवाल, इंजी. राजेश त्रिपाठी, विनीत श्रीवास्तव, हरीराम सोनी, डॉ अशोक तिवारी, कुलदीप वघेल सहित संस्थान के सभी प्रकल्प प्रभारियों व प्रशिक्षण शालाओं से जुड़े कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही।

रिपोर्ट: पुष्पराज कश्यप चित्रकूट

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