पीएम मोदी ने किया दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा का अनावरण

26

वाराणसी । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दौरे पर हैं. इस दौरान पीएम जंगमबाड़ी मठ पहुंचे और पूजा-अर्चना की. प्रधानमंत्री ने वाराणसी में करीब 12 सौ करोड़ रुपये की 50 विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया. उन्होंने आईआरसीटीसी की ‘महाकाल एक्सप्रेस’ को वीडियो लिंक के माध्यम से हरी झंडी दिखायी. यह प्राइवेट ट्रेन 3 धार्मिक शहरों- वाराणसी, उज्जैन और ओमकारेश्वर को जोड़ेगी. वाराणसी में पीएम मोदी ने दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा का अनावरण भी किया.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वाराणसी में कहा, ”देश सिर्फ सरकार से नहीं बनता, बल्कि एक-एक नागरिक के संस्कार से बनता है. एक नागरिक के रूप में हमारा आचरण ही नये भारत की दिशा तय करेगा. मठों द्वारा दिखाए रास्ते पर चलते हुए, संतों द्वारा दिखाए रास्ते पर चलते हुए, हमें अपने जीवन के संकल्प पूरे करने हैं और राष्ट्र निर्माण में भी अपना पूरा सहयोग करते चलना है.” उन्होंने कहा कि ”बीते 5-6 वर्षों में अगर गंगाजल में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिल रहा है तो इसके पीछे भी जनभागीदारी का बहुत महत्व है. मां गंगा के प्रति आस्था और दायित्व का भाव आज अभूतपूर्व स्तर पर है.”

पीएम ने कहा, ”आज इस क्षेत्र, दीनदयाल जी की स्मृति स्थली का जुड़ना, अपने नाम ‘पड़ाव’ की सार्थकता को और सशक्त कर रहा है. ऐसा पड़ाव जहां, सेवा, त्याग विराग और लोकहित सभी एक साथ जुड़कर एक दर्शनीय स्थल के रूप में विकसित होंगे.” उन्होंने कहा, ”अब यहां जो ये स्मृति स्थल बना है, उद्यान बना है, उनकी भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है, इससे आने वाली पीढ़ियों को भी दीन दयाल जी के आचार और विचार से प्रेरणा मिलती रहेगी.”

मोदी ने कहा, ”दीन दयाल उपाध्याय जी ने हमें अंत्योदय का मार्ग दिखाया था. यानि जो समाज की आखिरी पंक्ति में हैं, उसका उदय. 21वीं सदी का भारत, इसी विचार से प्रेरणा लेते हुए अंत्योदय के लिए काम कर रहा है. इसी कड़ी में आज इस पवित्र अवसर पर वाराणसी सहित पूरे पूर्वांचल को लाभ पहुंचाने वाली करीब 1200 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है.” उन्होंने कहा कि ”ये तमाम प्रोजेक्ट्स बीते 5 वर्षों से काशी सहित संपूर्ण पूर्वांचल में चल रहे कायाकल्प के संकल्प का हिस्सा हैं. इन वर्षों में वाराणसी जनपद में लगभग 25 हज़ार करोड़ रुपए के विकास कार्य या तो पूरे हो चुके हैं, या काम चल रहा है.”

Advertisement