बच्चों की ऊर्जा का उपयोग सदैव सकारात्मक दिशा में करें- डॉ0 सुरभी यादव

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नारी ईष्वर की सर्वोत्तम कृति है, वह परिवार, समाज व राष्ट्र के निर्माण की पहली सीढ़ी है, – श्रीमती रंजना उपाध्याय

चित्रकूट। दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा संचालित एवं कौशल विकास उद्यमिता विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित जन शिक्षण संस्थान, चित्रकूट द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम का आयोजन कार्यालय में किया गया, जिसमें भारतीय जनता पार्टी उ.प्र. की प्रदेश उपाध्यक्ष रंजना उपाध्याय, जिला समन्वयक प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना डॉ0 सुरभी यादव, समाज सेविका जयश्री जोग, इंग्लिश मीडियम प्रा0वि0 चकजाफर की प्रधानाध्यापिका शिल्पा चौहान एवं ग्रामोदय विश्व विद्यालय की शैला देशमुख ने दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।

कार्यक्रम में जन शिक्षण संस्थान के कार्यकारी निदेशक राजेन्द्र सिंह ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की साथ ही संस्थान के उद्देष्य एवं कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रदान की।

डॉ0 सुरभी यादव ने अपने उद्बोधन में शासन द्वारा महिलाओं की कल्याण हेतु चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए उनसे लाभान्वित होने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि महिलायें बहुआयामी प्रतिभा की धनी होती हैं। हर माता पिता का दायित्व है कि बेटे और बेटी को समानता के अवसर प्रदान करें। बच्चों की ऊर्जा का उपयोग सदैव सकारात्मक दिशा में करें। आप अपने विवेक का उपयोग समाज के निर्माण और विकास के लिए करें।

जयश्री जोग ने कहा कि बेटी पराया धन नहीं है, वह परिवार, समाज व राष्ट्र के निर्माण की पहली सीढ़ी है, उन्हें अपनी मर्यादाओं एवं संस्कारो के साथ आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए। बेटी बेटा दोनो समाज के प्रमुख अंग है।

मुख्य अतिथि रंजना उपाध्याय ने कहा कि देश की आधी आवादी महिलाओं की है। किन्तु जीवन क्रम के विकास में 80 प्रतिशत योगदान महिलाओं का है। नारी ईष्वर की सर्वोत्तम कृति है, जिसमें उसका माता का स्वरूप जीवनदायिनी होता है। महिलाओं को संस्कार, त्याग, समर्पण, भावनाओं एवं सद्विचारों का समावेश कर आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए। महिलाएॅं सदैव ही अग्रेसर की पंक्ति में रही हैं। संस्कारवान शिक्षा ही भावी पीढ़ी को दिशा प्रदान कर सकती है। जीवन में आगे बढ़ने के लिए उम्र और शिक्षा कभी भी आडे़ नहीं आती है। उन्होंने स्वयं का उदाहरण देते हुए बताया कि शादी के 10 साल बाद मैने स्नातक, परास्नातक एवं डॉक्टर की उपाधि ली तथा सामाजिक कार्यों से जुड़कर वर्तमान में राजनैतिक दायित्व का प्रदेश स्तर पर निर्वहन कर रही हूँ।

कार्यक्रम में संदली शुक्ला ने प्रेरणा गीत एवं मोनिका सिंह ने अपने उद्बोधन से सभी माताओं बहनों को उत्साहित किया। कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों द्वारा तैयार की गयी सामग्री की प्रदर्शनी कार्यक्रम स्थल पर लगाई गयी, जिसका अवलोकन सभी सम्मानित अतिथियों द्वारा किया गया और प्रदर्शनी में तैयार सामग्री की प्रशंसा भी की।

कार्यक्रम में सराहनीय कार्य करने वाले 5 अनुदेशकों एवं सामाजिक कार्य करने वाली 3 बहनों को मंच से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन सीमा पाण्डेय ने तथा आभार प्रदर्शन अनिल सिंह ने किया। कार्यक्रम में दीनदयाल शोध संस्थान के सचिव डॉ0 अशोक पाण्डेय, प्रभाकर मिश्रा, बनारसी लाल पाण्डेय, अजय पाण्डेय, सुघर सिंह, गणेश पटेल, समाजशिल्पी दम्पत्ति कार्यकर्ता सहित 215 अनुदेशक एवं प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।

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