बुढ़वा मंगल: हनुमान को प्राप्त करने का महामहोत्सव

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चित्रकूट के रामघाट में संत तुलसी दास जी को बजरंगबली ने तोते का वेश रखकर श्री रामजी के कराए थे दर्शन

संदीप रिछारिया (वरिष्ठ संपादक)

चित्रकूट। कहते है कि जहाँ श्री का नाम लिया जाता है वहाँ श्री राम के परमभक्त श्री हनुमान जी साक्षात मौजूद रहते है। श्री राम की चरणरज पाकर गौरवान्वित इस भूमि में हनुमान जी ने आकर एक बार नही कई बार आकर भक्तो को दर्शन दिए। चित्रकूट की धरती पर हनुमान जी ने विचित्र किस्म के वेश भी बनाये। उन्होंने दूसरी बार संत तुलसी को तोते के रूप में दर्शन दिए तो पहली बार साधू के रूप में। राम के नाम के साथ ही चित्रकूट की भूमि पर बजरंगबली के स्थान भी खूब आदर पाते है। हनुमान जी की पहली चौकी के रूप में सुविख्यात पवित्र मन्दाकिनी नदी के तट पर स्थित बूढ़े हनुमान जी के मंदिर में बुढ़वा मंगल का पर्व पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मंदिर के अलावा हनुमान धारा, बहरा वाले हनुमान मंदिर, लाइना बाबा, राजापुर हनुमान मंदिर,नादी हनुमान मंदिर आदि में भी हनुमान जी का महा महोत्सव मनाया गया।

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