मंदाकिनी नदी का अब होगा सीमांकन, डीएम ने दिए आदेश

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  • मंदाकिनी नदी पुनरूद्वार बैठक

  • सरयू नदी को भी जिंदा करने की चिंता व्यक्त की

चित्रकूट। अब जल्द ही मंदाकिनी नदी के बारे में आम आदमी यह मालूम चलेगा कि आखिर उसका बहाव के साथ ही घाटों का एरिया क्या है। शुक्रवार को जिलाधिकारी शेषमणि पांडेय ने नदी के पुनरूद्वार की बैठक में सीडीओ से पूछा कि पिछली बार जो 19 गांव में कार्य कराए गए थे। उनका सत्यापन हुआ है कि नहीं। इस पर डीसी मनरेगा ने बताया कि कि भारत सरकार व उत्तर प्रदेश सरकार की टीम तथा जिले स्तर से भी निरीक्षण किया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि उप जिलाधिकारी कर्वी टीम गठित करके मंदाकिनी नदी का सीमांकन करा ले और डीसी मनरेगा जो कार्य हुए हैं तथा जो कार्य होना है उसका विवरण बनाकर कार्यों को कराएं। ताकि मां मंदाकिनी की अविरलता बनी रहे। मुख्य विकास अधिकारी डॉ महेंद्र कुमार ने डीसी मनरेगा से कहा की जितने भी नालें मंदाकिनी नदी पर गिर रहे हैं उन पर भी कार्य कराने का प्रस्ताव तैयार करा लिया जाए। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से भी कहा कि आप लोग भी जो विभागीय नहरें आदि नदी पर गिर रहे हैं उनका भी प्रस्ताव तैयार कराकर मनरेगा से कार्य कराएं। जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कहा कि सरयू नदी का भी प्लान बनाकर सीमांकन कराएं और उस पर भी कार्य कराया जाए। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण का प्रस्ताव तैयार करा कर नदी के किनारे ऐसे वृक्ष लगाए जाएं। जिन्हें पशु न खाएं नगरीय क्षेत्र में जो नाला मां मंदाकिनी नदी पर गिर रहे हैं उनकी नगर पालिका परिषद कर्वी टैपिंग की व्यवस्था कराएं ताकि गंदा पानी नदी में ना जा पाएं। उन्होंने जल निगम के अधिकारियों से कहा कि इंटेक बेल के पास जो गंदा पानी नाले से गिर रहा है उसका डायवर्जन कराया जाए।

अपर जिलाधिकारी जी पी सिंह, उप जिलाधिकारी कर्वी अश्विनी कुमार पांडे, जिला विकास अधिकारी आरके त्रिपाठी, डीसी मनरेगा दयाराम सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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