मीडियाकर्मी का देश की जनता को आभार

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संदीप रिछारिया ( वरिष्ठ संपादक)

चित्रकूट। प्रधानसेवक के कोरोना लात मारो अभियान के तहत जनता कर्फ्यू के दिन के अंतिम चरण में अति आवश्यक सेवाओ से जुड़े लोगों को धन्यवाद देने के आह्वान पर देश ने जमकर घण्टी बजाई।

मीडियाकर्मी रचनाधर्मी देश के सुप्रसिध्द गीतकार डॉक्टर सुरेश अवस्थी अपने आपको रोक न सके,तुरंत लगे हाथ उन्होंने देश की जनता का आभार अपने अंदाज में प्रकट कर दिया। आप भी इस सवेदित करने वाले मार्मिक हसगुल्लों का आनंद ले।

दे ताली
।।।।।।।।।।।।

किन्नर बोले,
हम ताली बजा कर
ईश्वर के महीन मज़ाक को
तालियों में उड़ा देते हैं
इन्हीं तालियों के बल पर
आप के बच्चों पर
सुमंगल की चादर उढा देते हैं

कॅरोना योद्धाओं के स्वागत में
जब पूरे देश ने जो ताली बजाई है
समझ लीजिए कि कभी भी,
कहीं भी बजाई मेरी ताली की आवाज भी इन तालियों में समाई है
हमने अपनी तालियों से हमेशा
लोगों के सुख और हर्ष को साधा है
इन तालियों ने पूरे देश को
एकता के सूत्र में बांधा है
मेरी हर ताली किसी न किसी की भला किया है
इन तालियों ने पूरे देश को हौसला दिया है

इसलिए मेरे दोस्त
जब भी जुड़ने, जोड़ने की जरूरत हो खुशी खुशी पूरे मन से ताली बजाना
और किसी की भी ताली का भूल कर भी मजाक मत बनाना
जब लोग भजन के साथ ताली बजाते हैं
उनकी स्वर लहरियों के साथ आस्था के अभीष्ट तक पहुंच जाते हैं
ये तालिया हमको उत्सवधर्मी बनाने का मांगलिक त्योहार होती हैं
ये तालिया निराशा, विषाद और दुश्मन को पछाड़ने का कारगर हथियार होती हैं

जब भी किसी की सेवा व सम्मान में भीतर कोई खुशी तरंग उठे
या भीतर निराशा, भय की काई जुटे
बिल्कुल मत रहना खाली
घर, परिवार, दोस्त जो भी हो पास में उससे कहना , दे ताली
देखना ये ताली दुश्मनों को सजा देगी
और तुम्हारे साथ दूसरों को भी जिंदगी का मज़ा देगी।
तालियों की गूंज दूर तक जाएगी
जो लोग कहते हैं,
ताली बजाने से कुछ नहीं होता
उनको भी
ताली की ताकत समझ में आएगी
उनके हाथ
भले ही कटुता या जन्मांध विरोध की जेबों में ठुसे रहें
पर उनकी सांस सांस जरूर ताली बजाएगी।

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