राम जानकी मंदिर के पुजारी ने अवैध रूप से मंदिर पर जमे अपराधियों पर कार्यवाही हेतु प्रशासन को दिया ज्ञापन

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रायबरेली– ऊंचाहार थाना क्षेत्र के इटौरा बुजुर्ग बाबा के पुरवा में विवादित राम जानकी मंदिर प्रकरण में आज मंदिर के पुजारी महंत- बाल योगी ब्रह्मचारी जटाधारी स्वामी रामस्वरूप दास द्वारा अपराधिक गतिविधियों से जान माल की रक्षा व अपराधियों द्वारा मंदिर पर कर रहे कब्जा से हटाने हेतु अपर जिलाधिकारी प्रशासन व अपर पुलिस अधीक्षक को दिया ज्ञापन पिछले साल ऊंचाहार कोतवाली क्षेत्र के इटौरा बुजुर्ग गांव के राम जानकी मंदिर के महंत की मौत के बाद उपजा विवाद शांत होने का नाम नही ले रहा है।

मंदिर परिसर पर अपना हक जताने के लिए अब तक कई लोग सामने आए और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई इसी कड़ी में शुक्रवार को एक बार फिर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर एक महंत जोकि अपने को राम जानकी मंदिर का असली पुजारी होने का दावा पेश करते हुए पुलिस से सुरक्षा की गुहार व प्रशासन से न्याय मांगने के लिए गुहार लगाई मंदिर के पुजारी ने बताया कि 3 महीने से डीएमएसपी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उनको ना तो सुरक्षा व्यवस्था मिल रही है और ना ही मंदिर से अपराधियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है।दरअसल राम जानकी मंदिर परिसर के पास करोड़ो की जमीन है और उस जमीन पर कब्जा जमाने के लिए आये दिन विवाद होता रहता है। वहीं पूर्व में रहे धर्म गुरु स्वामी स्वर्गीय सत्य नारायण दास जी महाराज द्वारा स्वामी रामस्वरूप दास जी महाराज को इस मंदिर की देखभाल के लिए सौंप दिया गया था लेकिन अपराधिक गतिविधियां मंदिर की कीमती जमीन पर नजर गड़ाए हुए हैं और इस को हड़पने की कोशिश कर रहे हैं जिसमें न्यायालय ने स्वामी रामस्वरूप दास जी महाराज के पक्ष में फैसला सुना दिया है और जिला प्रशासन को निर्देशित किया है कि अपराधिक गतिविधियों पर कार्यवाही करते हुए मंदिर पर हुए कब्जे व अवैध वसूली को लेकर हो रहे विवाद पर कार्यवाही करें लेकिन सिस्टम इतना लाचार है कि 3 माह हो गए कार्यवाही अभी तक सुनने है इससे पहले भी इस मंदिर प्रकरण में कई घटनाएं हुई जिसको लेकर महीनों तक मंदिर के बाहर पुलिस फोर्स की तैनाती लगी रही डीएम कार्यालय में ज्ञापन देने आए स्वामी रामस्वरूप दास द्वारा कई अधिकारियों व कर्मचारियों के अपराधियों से सांठगांठ होने का भी आरोप लगाया जबकि उनका साफ-साफ कहना है कि इस प्रकरण में न्यायालय ने क्लीन चिट दे दी है लेकिन प्रशासन अभी तक हाथ पर हाथ धरे बैठा है और अपराधियों के जमावड़े को हटाने में असहज महसूस कर रहा है फिलहाल इस मामले में जब इन दोनों अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई तो कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया तो क्या किसी बड़ी घटना की फिराक में है जिले के आला अधिकारी।

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