लॉक-डाउन तोड़ मुख्यालय चौराहे पर बैठ खींची फोटो, वाइरल

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लाकडाउन के दौरान चौराहे पर बैठने की फेसबुक में वाइरल तस्वीर
कौशाम्बी। Covid 19 के संभावित खतरे में बीच मंझनपुर थाना क्षेत्र के युवक की लाकडाउन में चौराहे पर बैठ खींची गई फोटो शनिवार को सोशल मीडिया में वाइरल है। फोटो वाइरल होने के बाद बड़े पैमाने पर लोग तरह तरह के कमेंट कर कानून व्यवस्था का मजाक बना रहे है। युवक बहुजन समाज पार्टी के पूर्व चेयरमैन का भांजा बताया जा रहा है।
 
पूरा देश लॉक-डाउन है, सड़क पर बेमतलब घूमने वालो पर पुलिस कानून का हर वो हथकंडा अपना रही है। जिससे आम जन-मानस डर कर घर की दहलीज न लांगे, लेकिन फेसबुक पर वाइरल जनपद की एक तस्वीर ने लोगो को सोचने को मजबूर भी कर दिया है, कि अफसर भी पहचान-पहचान कर कार्यवाही करते है। 
 
फेसबुक में वाइरल तस्वीर की पड़ताल करने पर जानकारी मिली कि यह कौशाम्बी जिला मुख्यालय मंझनपुर में रहने वाले सुशील कुमार केसरवानी के एकाउंट से शुक्रवार को पोस्ट की गई है। तस्वीर में खुद सुशील कुमार केसरवानी लाकडाउन के दौरान बीच सड़क पर रखी बेंच पर बैठ मुस्कुराते हुयी मुद्रा में है। 
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पोस्ट होने के बाद से यह फोटो फ़ेकबुक यूजर्स के बीच खासी सुर्खिया बटोर रही है। अब तक इस फोटो पोस्ट पर 192 likes व् 24 से अधिक कमेंट आ चुके है।
लाइक्स और कमेंट का सिलसिला लगातार जारी है।  कमेंट में कोई नियमो का हवाला देकर धारा 188 का उलघ्घन लिख रहा है तो कोई पोस्ट पर सुशील केसरवानी को बधाई और शाबासी दे रहा है।
 
आखिर क्यों नहीं हो रही है कार्यवाही 
जिला मुख्यालय में सोशल साईट पर वाइरल हो रही लाकडाउन का मजाक बनाने वाली तस्वीर के यूजर पर कार्यवाही की हिम्मत पिछले 12 घंटे से मंझनपुर की पुलिस नहीं जुटा सकी है।
इसके पीछे फोटो पोस्ट करने वाले युवक का सामाजिक राजनैतिक व् आर्थिक प्रोफ़ाइल बताया जा रहा है। स्थानीय लोग बताते है कि सुशील कुमार मंझनपुर के पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष के भांजे है, जनपद स्तरीय बड़े अधिकारियो में उनकी अच्छी खासी पकड़ है, उनके आवास पर उनका उठाना बैठना रहता है। राजनैतिक रूप में युवक विधानसभा सिराथू से विधायक का चुनाव लड़ चुके है। जनपद के सांसद विधायक व् प्रदेश स्तर के नेताओ के साथ उनकी तस्वीरे पुलिस के कदम कार्यवाही के लिए रोक देती है।
 
क्या हो सकती है कानूनी कार्यवाही 
लाकडाउन तोड़ कर फोटो खींचने और उसे सोशल साईट पर वाइरल करने पर मौजूदा समय में कानूनी कार्यवाही का प्राविधान है। कानून के जानकर अधिवक्ता राजेंद्र पाण्डेय बताते है कि सरकार ने लाकडाउन के नियमो का कड़ाई से पालन करने हेतु एपिडेमिक एक्ट बनाया है। इसके साथ ही यदि कोई कानून जानबूझ कर तोड़ कानून का मजाक बनाती हुयी तस्वीर सोशल मीडिया में वाइरल करता है तो उस पर आईटी एक्ट की धाराओं में कार्यवाही हो सकती है। 
 
क्या कहते है जिम्मेदार 
प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि लॉक-डाउन तोड़ने और फेसबुक पर फोटो वाइरल करने के मामले की जानकारी उन्ह सूत्रों से मिली है। अग्रिम कार्यवाही के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। निर्देश के क्रम में आगे की कार्यवाही जाएगी। 
 
गौरतलब है कि कोरोना वाइरस से हुयी वैश्विक आपदा में पूरा देश लाकडाउन है। दिहाड़ी मजदूर काम बंद होने से हैरान परेशान है। उनके सामने पेट पालने का भीषण संकट है।  सरकार ने मदद का ऐलान किया है। लोग सडको पर राशन सब्जी भी लेने निकलते है तो पुलिस कर्मी लाठी पहले मारते है पूंछते बाद में है। ऐसे में फेसबुक यूजर सुशील कुमार केसरवानी की सड़क बैठने की वाइरल फोटो कानून के रख वाले वर्दी धारियों और नियमो का पालन कराने वाले अफसरों को मुँह चिढ़ा रही है। 
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