वर्दी के रौब में इस थानेदार ने अध्यापकों को कहा चोर, फिर माफी मांग घटाया खाकी का मान

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रायबरेली। सूबे में सीएम योगी व आलाधिकारी पुलिसिंग को स्मार्ट व बेहतर बनाने के लिए लगातार मित्र पुलिस का सपना देखकर मातहतों को जनता से अच्छा व्यवहार करने की नसीहत दे रहे हैं मगर रायबरेली जिले में वर्दी के रौब में घूम रहे एक थानेदार ने विद्यालय में चोरी की रिपोर्ट करने के लिए थाने गए गुरु जी से बदसलूकी करके भगा दिया, मगर जब अध्यापको का दबाव पड़ा तो अधिकारियों तक बात न जाए इसके लिए गुरु जी से मांफी तक मांग डाली, थानेदार के इस कारनामे से एक बार फिर खाकी की छवि धूमिल हुई है, फिलहाल अब थानेदार जी अपने आलाधिकारियों को गुमराह कर सब कुछ सही दिखाने में लगे हुए हैं, अब देखना यह है कि गलती के बाद माफी मांगने वाले कोतवाल साहब कब तक गद्दी बचाने में कामयाब रहते हैं, या फिर ईमानदार कप्तान साहब इनपर कार्यवाही कर अन्य थानेदारों को जनता से अच्छा व्यवहार करने का सबक देते हैं।

ये था पूरा मामला

दरअसल खीरों थाना क्षेत्र के गाँव छत्ता का पुरवा के प्राथमिक विद्यालय में बीते शुक्रवार की रात चोरी हो गयी तो तहरीर देने पहुंचे विद्यालय के शिक्षकों के साथ प्रभारी निरीक्षक मणिशंकर तिवारी ने अभद्र व्यवहार किया था, जिससे नाराज शिक्षकों ने सोमवार की दोपहर थाने का घेराव किया, इस दौरान प्रभारी निरीक्षक ने शिक्षकों से माफी मांगते हुये भविष्य में गलती न दोहराने का वादा किया, थाने पहुंचे शिक्षकों ने बताया कि शुक्रवार की रात अज्ञात चोरों द्वारा छत्ता का पुरवा के प्राथमिक विद्यालय में चोरी कर एमडीएम का सामान व राशन पार कर दिया गया था, जिसकी तहरीर लेकर विद्यालय के प्रधान शिक्षक राजेश कुमार सिंह अपने शिक्षक साथियों के साथ शनिवार की सुबह जब थाने पहुंचे तो प्रभारी निरीक्षक मणिशंकर तिवारी ने आपा खो दिया, उन्होने शिक्षकों को ही चोरों की संज्ञा देते हुये उन्ही के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की धमकी दिया, शिक्षकों को अपमानित कर थाने से भगा दिया था, इस घटना से समूचे शिक्षक समुदाय में आक्रोश व्याप्त हो गया।

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घेराव करने पहुंचे अध्यापक

सोमवार की सुबह बीआरसी खीरों में प्राथमिक व जूनियर तथा राष्ट्रीय शैक्षिक महा संघ व यू पी एक्स सर्विस मैन टीचर्स एसोसिएशन आदि शिक्षक संगठनों के शिक्षक नेताओं सहित लगभग आधा सैकड़ा शिक्षकों ने एकत्र होकर मंत्रणा की, उसके बाद शिक्षकों ने सोमवार की दोपहर थाने पहुँचकर घेराव किया।

कुर्सी बचाने के लिए मांग ली माफी

वर्दी के रौब में कोतवाल साहब ने अध्यापक को चोर तो कह दिया मगर फिर बातजब आगे बढ़ी तो साहब को लगा कि बात तो जिले के ईमानदार कप्तान तक जरूर पहुंचेगी तो थानेदार साहब ने मांफी मांगना उचित समझा, इस दौरान आक्रोशित शिक्षकों से प्रभारी निरीक्षक मणिशंकर तिवारी ने घटना के प्रति माफी मांगी, मणिशंकर तिवारी ने शिक्षकों के सामने हांथ जोड़कर माफी मांगते हुये कहा कि शिक्षक गुरू होता है, शनिवार को मैं मानसिक तनाव में था, इसलिए शिक्षकों के साथ मेरे द्वारा दुर्व्यवहार किया गया, जिसके लिए मैं सभी शिक्षक समुदाय से माफी मांगता हूँ । भविष्य में मेरे द्वारा ऐसी घटना की पुनरावृत्ति नहीं होगी, मैं शिक्षकों का हमेशा सम्मान करूंगा, इस बाबत शिक्षकों का नेतृत्व कर रहे शिक्षक नेता भगवती सिंह ने बताया कि प्रभारी निरीक्षक द्वारा शिक्षकों से माफी मांगी गई है, इसलिए आंदोलन स्थगित किया जा रहा है।

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