शिक्षक का पहला धर्म है बच्चों में अच्छे संस्कारों का सृजना : वीरेन्द्र कनौजिया

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● प्रथम बैच का निष्ठा प्रशिक्षण सम्पन्न

● प्रथम बैच में 134 शिक्षकों को दिया गया प्रशिक्षण

 रायबरेली। शिवगढ़ बीआरसी सभागार में चल रहे निष्ठा प्रशिक्षण के प्रथम बैच का प्रशिक्षण सम्पन्न हुआ। विदित हो कि स्कूल प्रमुखों और शिक्षकों की समग्र उन्नति के लिए राष्ट्रीय पहल पर निष्ठा प्रशिक्षण का आयोजन चल रहा है। ज्ञात हो कि शिवगढ़ बीआरसी सभागार में निष्ठा प्रशिक्षण के प्रथम बैच में 134 शिक्षकों का निष्ठा प्रशिक्षण चल रहा था।

जिसका समापन शिवगढ़ खण्ड शिक्षाधिकारी वीरेंद्र कुमार कनौजिया के संबोधन एवं प्रमाण पत्र वितरण से संपन्न हुआ। इस दौरान खण्ड शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र कुमार कनौजिया ने प्रशिक्षण सभागार में मौजूद शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि पांच दिवसीय प्रशिक्षण में जो आप लोगों ने सीखा है उसका रिजल्ट विद्यालय में देखने को मिलना चाहिए,

वर्तमान समय में सरकारी विद्यालय के शिक्षकों की चुनौतियां बहुत बड़ी है अध्यापकों को हमेशा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए समाज में हो रही आलोचनाओं पर विजय प्राप्त करनी है। उन्होंने कहा कि शिक्षक का सबसे पहला धर्म है कि बच्चों में अच्छे संस्कार देना एवं उनमें अच्छे संस्कारों का सृजन करना और अच्छी शिक्षा देना कुछ शिक्षक इसके विपरीत कार्य कर रहे हैं, जिसके कारण  अन्य सभी शिक्षकों को भी बदनामी झेलनी पड़ती है।

इस पांच दिवसीय निष्ठा प्रशिक्षण के माध्यम से जो ऊर्जा शिक्षकों में आई है इससे विश्वास है कि जब यह शिक्षक अपने विद्यालय जाएंगे तो वहां परिवर्तन जरूर नजर आएगा। पांच दिवसीय प्रशिक्षण में प्रशिक्षक रहे नरेंद्र कुमार, रितेश कुमार,रुचि लोगानी, शिखा बाजपेई ,निलेश कुमार, शिवप्रसाद ने पूरी निष्ठा से प्रशिक्षण दिया 5 दिवसीय प्रशिक्षण में कुल 489 शिक्षकों में से 134 शिक्षकों का प्रशिक्षण पूरा हो गया है।

शेष शिक्षकों का प्रशिक्षण रंग पर्व होली के शुरू होगा। समापन के अवसर पर राजेश सिंह , सरला वर्मा, आशुतोष कुमार यादव, गायत्री देवी,हरिकेश सिंह, संतोष कुमार, समीक्षा, अवधेश कुमार, जीत विमल,अमर सिंह राठौर, नवीन कुमार,अमरीश कुमार, राजकुमार सिंह, जसरीन, कृष्ण कुमार पांडेय, मधुलिका,गीता देेेवी,स्नेहलता आदि शिक्षक शिक्षिकाएं मौजूद रही।

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