गंगा मैया के जयकारों के साथ श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

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डलमऊ, रायबरेली। पुरुषोत्तम मास की पूर्णिमा के अवसर पर गंगा तट के लगभग एक दर्जन से अधिक स्नान घाटों पर जनपद के साथ-साथ गैर जनपद से आने वाले श्रद्धालुओं ने गंगा मैया के जयकारों के साथ गंगा में आस्था की डुबकी लगाई और गंगा तट के किनारे स्थित मंदिरों और शिवालयों पर जलाभिषेक करते हुए पूजा अर्चना की गई और श्रद्धालुओं द्वारा स्नान घाटों पर विभिन्न प्रकार के मांगलिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।

संस्कृत महाविद्यालय बड़ा मठ के स्वामी दिव्यानंद महाराज ने बताया कि पुरुषोत्तम मास पूर्णिमा श्रावण मास मैं होने के कारण इसका विशेष महत्व है और यह पूर्णिमा 3 वर्षों में एक बार आती है इस प्रकार के पूर्णिमा के अवसर पर गंगा स्नान कर भगवान विष्णु की पूजा अर्चना कर उनकी कथा सुनने से मोक्ष प्राप्त होता है।

गंगा तट डलमऊ के किलाघाट सड़क घाट वीआईपी घाट रानी शिवाला घाट पक्का घाट संकट मोचन घाट पथवारी घाट आदि के साथ लगभग 1 दर्जन से अधिक स्नान घाटों पर पुरुषोत्तम मास की पूर्णिमा के अवसर पर लगभग एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा मैया के जयकारों के साथ आस्था की डुबकी लगाई गई।

वहीं गंगा तट डलमऊ के किला घाट स्थित नागेश्वर मंदिर रानी शिवाला घाट स्थित शिव मंदिर पथवारी घाट स्थित माता पथवारी देवी मंदिर आदि के साथ अन्य मंदिरों में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक करते हुए पूजा अर्चना किया और गंगा तट के किनारे किसी ने सत्यनारायण भगवान की कथा सुनी तो किसी ने मुंडन आदि के कार्यक्रम आयोजित किए गए।

क्षेत्रीय प्रशासन के अनदेखी और उदासीनता के चलते स्नान घाटों की मुख्य मार्गों के किनारे सड़क की परियों तक फैले अतिक्रमण के मकड़जाल के चलते मुराई बाग कस्बे में घंटो जाम की स्थिति उत्पन्न रही जिससे उमस भरी इस गर्मी में श्रद्धालु पसीना बहाते हुए घंटो जाम खुलने का इंतजार करते रहे।

  • विमल मौर्य
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