हमीरपुर: बेतवा नदी में खनन माफियाओं का तांडव
सदर तहसील के सहुरापुर खंड में नियमों को ताक पर रखकर अवैध खनन का खेल जारी है।
प्रतिबंधित मशीनों का उपयोग जलधारा के बीचों-बीच पोकलैंड मशीनों से मौरंग निकाली जा रही है, जो NGT और सुप्रीम कोर्ट के नियमों का उल्लंघन है। जिलाधिकारी घनश्याम मीना के सख्त निर्देशों के बावजूद खनन कारोबारी बेखौफ हैं।

हमीरपुर में सुप्रीम कोर्ट के कड़े निर्देश पहले से लागू हैं। नदियों के पारिस्थितिकी तंत्र को बचाने के लिए जलधारा के बीच मशीनों का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित होता है।
बेतवा नदी की जलधारा के बीच पोकलैंड मशीनों का चलना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे नदी का प्राकृतिक स्वरूप और जलीय जीवन नष्ट होता है।
जिलाधिकारी घनश्याम मीना के सख्त निर्देशों के बाद भी खनन जारी रहना स्थानीय स्तर पर मॉनिटरिंग की विफलता को दर्शाता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि ओवरलोड ट्रकों से गिरते पानी ने सड़कों को तहस-नहस कर दिया है, जिससे आम जनता का आवागमन दूभर हो गया है।
खनिज, राजस्व और परिवहन विभाग की “उदासीनता” अवैध खनन और ओवरलोडिंग को फलने-फूलने का मौका दे रहे है।
अब देखना यह होगा कि हमीरपुर जिला प्रशासन इस पर कोई कठोर कार्रवाई करता है या नहीं या इसी तरह खनन माफिया धड़ल्ले से नदी की जलधारा को छेड़ खनन करते रहेंगे।
विवेक यादव रिपोर्ट


