अनाथ सोनम खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर,तन पर पहने कपड़ों के सिवा कुछ भी नहीं बचा

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शिवगढ़,रायबरेली। क्षेत्र के ग्राम पंचायत बैंती में मस्जिद चौराहे के पास स्थित बेसहारा अनाथ सोनम उम्र लगभग 18 वर्ष पुत्री स्वर्गीय परीदीन का घर पलक झपकते ही गिरकर मलवे में तब्दील हो गया जिससे अनाथ सोनम खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गई है। बचपन में सिर से मां साया उठ गया। जिसके कुछ ही साल बाद पिता की मौत से सोनम अनाथ हो गई। एक छोटे से जर्जर एवं बारिश में टपकते कमरे में वह किसी तरह गुजर बसर कर रही थी। बुधवार को आई तेज आंधी-तूफान एवं बेरहम बे मौसम बारिश के चलते सोनम का आशियाना भरभरा कर मलबे में तब्दील हो गया। जिससे पूरी गृहस्थी मलबे में दबकर बर्बाद हो गई। आलम यह है कि तन पर पहने कपड़ों के अलावा सोनम के पास ना तो पहनने के लिए कपड़े हैं, ना रहने के लिए घर और ना ही खाना बनाने के लिए बर्तन और अनाज। गनीमत रही कि जिस समय आशियाना भरभरा कर मालवे में तब्दील हुआ सोनम पड़ोस में दूसरे के घर बैठी थी वरना बड़ा भयावह मंजर हो जाता। मकान गिरने की आवाज सुनकर दौड़े स्थानीय लोगों ने अप्रिय घटना की आशंका जताते हुए तत्काल मलवे को हटाकर सोनम को ढूंढना शुरू कर दिया किन्तु जब उन्हें पता चला कि वह पड़ोस में दूसरे के दरवाजे बैठी है तो लोगों ने राहत की साथ ली। गुरुवार को खबर लिखे जाने तक ना ही कोई जनप्रतिनिधि बच्ची की मदद के लिए आगे आया और ना ही कोई जिम्मेदार आलाधिकारी, आंखों में करुणा के आंसू ले फफकती सोनम भगवान से यही कह रहे हैं कि भगवान आखिर उसे किस जन्म की सजा दे रहे हैं, जो उसका सब कुछ छीन लिया। सबसे खास बात है कि सोनम ने अनाथ बेसहारा होते हुए भी अपनी पढ़ाई शुरू की और भूखे प्यासे रहते हुए एवं समस्याओं का सामना करते हुए भी पढ़ाई नहीं छोड़ी, किन्तु मकान के गिरने से उसकी साइकिल और कॉपी किताबें सभी बर्बाद हो गई, अब वह कैसे अपनी पढ़ाई पूरी करेगी उसे यही चिंता सता रही है। प्रधान प्रतिनिधि जानकी शरण जायसवाल ने बताया कि हल्का लेखपाल को सूचना दे दी गई है। वहीं हल्का लेखपाल अभिषेक पटेल का कहना है कि मामला संज्ञान में है मौके पर आकर कोई नुकसान का आकलन कर निमानुसार तहसील प्रशासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।

अनुज मौर्य रिपोर्ट

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