मातृभूमि पहुंच भावुक आशीष पटेल बोले इस मिट्टी का सदैव रहूंगा ऋणी

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कैबिनेट मंत्री बनने के डेढ़ साल बाद आशीष पटेल पहुंचे अपने पैतृक गांव लौरी

चित्रकूट। जन्मभूमि सबको प्यारी होती है चाहे वह देश व विश्व का कुछ भी बन जाए‌।जिस भूमि पर आपने जन्म लिया है खासकर वह सबसे प्यारी होती है और आप उसके सदैव ऋणी होते हैं। मैं इसी मिट्टी में खेला व इसी गांव की प्राइमरी स्कूल में कक्षा 5तक पढ़ा भी हूं।

मुझे पढ़ाने वाले शिक्षक भी मौजूद है इन्होंने मुझे पढ़ाया और आज मैं इनकी बदौलत यहां इस मुकाम तक पहुंचा। मैं उनका अभिनंदन करता हूं। अब इस गांव (लौरी हनुमानगंज) के लिए क्या बोलू यहां बहुत कुछ बनते बिगड़ते देखा है। मेरे पिता जी व माता ने सामाजिक न्याय चालू किया था जब इसकी परिकल्पना नहीं की जा सकती थी।

आचार संहिता लागू है इस लिए कोई घोषणा नहीं कर सकता लेकिन यहां का विकास प्राथमिकता में है। यह बातें आशीष ने अपने गांव लौरी हनुमानगंज पहुंचकर गांव वालों से कहीं।

इसके पूर्व कार्यकर्ता सम्मेलन के बाद काफिला गांव पहुंचते समय नेशनल हाईवे-35 में चित्रकूट से मऊ तक जगह-जगह सैकड़ों समर्थकों ने कैबिनेट मंत्री का फूल मालाओं से स्वागत किया।

अपने पैतृक गांव लौरी पहुंचे अपना दल एस के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष वर्क उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल का उनके बड़े भाई अरुण सिंह पटेल उर्फ मुन्ना भाई ने सैकड़ों गांव वालों के साथ स्वागत किया।‌

कैबिनेट मंत्री बनने के बाद लगभग एक साल बाद गांव पहुंचे आशीष पटेल व उनके बड़े भाई मुन्ना ने सबसे पहले अपनी मां स्व. कृष्णावती पटेल की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की और दोनों भाई भावुक हो गए। नम आंखों से मां को याद कुछ क्षणों तक निहारते रहे इस दौरान मौजूद सभी की आंखे नम हो गई।

इसके बाद अपने पैतृक घर में पहले से मौजूद हजारों ग्रामीणों ने उनका पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। उन्होंने सर्व प्रथम घर के बगल में बने समाधि स्थल में अपने बाबाजी के स्टेचू पर माल्यार्पण किया। उन्होंने इस दौरान अपनी मौसी से भी मुलाकात की। इस मुलाकात से परिवार की महिलाएं भावुक हो गईं।

उनके साथ अपना दल के राष्ट्रीय महासचिव आरबी सिंह, प्रदेश अध्यक्ष , सांसद व जिलाध्यक्ष रामसिया सिंह पटेल, मानिकपुर विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी के प्रतिनिधि भाई पिन्टू द्विवेदी, बुन्देली सेना जिलाध्यक्ष अजीत सिंह, आशीष सिंह बछरन सहित अन्य गांवों के भी बड़े बुजुर्ग मौजूद रहे।

  • पुष्पराज कश्यप
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