कोरोना से मरने वाले शिक्षकों को एक करोड़ मुआवजा दे सरकार

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रिपोर्ट – सुधीर त्रिवेदी, वरिष्ठ संवाददाता

बांदा। आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह ने कहा कि चुनाव ड्यूटी के दौरान कोराना संक्रमण की जद में आकर दम तोड़ने वाले सैकड़ों शिक्षामित्र कर्मियों के परिवारीजन की भावनाओं से खेलना बन्द करके योगी सरकार को प्राथमिक शिक्षक संघ की सूची स्वीकार करनी चाहिये। उन्होनेकहा कि 1621 लोगों की सूची के सापेक्ष पहले तीन और अब 1200 लोगो की मौत का आकड़ा जारी करने की जगह सरकार सभी शिक्षक परिवारों को एक करोड़ का मुआवजा दे।

श्री सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने पहले की सरकार से एक करोड़ रूपये के मुआवजा दिलाने की मांग उठाई थी। पीड़ित परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने की मांग भी की थी। लेकिन सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया। कोरोना संक्रमण के बीच पंचायत चुनाव कराकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गांव-गांव तक महामारी फैलाने का काम किया और अब इसे छिपाने में लगे हैं। सीएम की जिद के कारण सैकड़ों परिवारों का जीवन खतरे में पड़ गया। उन्होने कहा कि हाईकोर्ट ने भी इसे लेकर योगी सरकार को लताड़ लगाई थी। चुनाव ड्यूटी के दौरान कोरोना प्रोटोकाॅल का सही तरीके से निर्वाह नहीं किया गया। सामने आया कि राज्य निर्वाचन आयोग की लापरवाही के कारण कई शिक्षामित्र, शिक्षक, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आदि की मौतें हुई हैं। उनके परिवार के लोग सांसो के लिये संघर्ष कर रहे हैं। जिन कर्मचारियों की ड्यूटी के दौरान मृत्यु हुई है। उनके परिजनो को सरकारी नौकरी और एक करोड़ का मुआवजा दिया जाये।

आम आदमी पार्टी की मांग है कि कर्मचारियो के संक्रमित परिजनों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाये। शिक्षक संघ की 1621 शिक्षको की सूची स्वीकार करते हुये सभी परिवारों को तीस लाख की जगह एक करोड़ का मुआवजा दिया जाये।

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