खेत में फेंकी गई नवजात, रेशमा बानों बनीं फरिश्ता 112 की तत्परता से बची मासूम की जान

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हरदासपुर में दिल दहला देने वाली घटना आई सामने

रायबरेली –रायबरेली से इंसानियत को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है, जहां मां की ममता के दो अलग-अलग रूप देखने को मिले। एक तरफ वह मां जिसने अज्ञात कारणों के चलते अपनी नवजात बेटी को खेत में मरने के लिए छोड़ दिया, तो वहीं दूसरी ओर एक महिला ने मां बनकर उस मासूम की जिंदगी बचा ली।

मामला मिल एरिया थाना क्षेत्र के हरदासपुर गांव का है। आज दिनांक 23 फरवरी 2026, दिन सोमवार को सुबह करीब 9:00 बजे एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें खेत में पड़ी एक नवजात बच्ची की सिसकियां सुनाई दे रही थीं। वीडियो सामने आते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

बताया जा रहा है कि स्थानीय महिला रेशमा बानों को खेत की ओर से किसी बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। जब वह मौके पर पहुंचीं तो वहां एक नवजात बच्ची ठंड और भूख से तड़पती हुई मिली। मानवता का परिचय देते हुए रेशमा बानों ने तुरंत डायल 112 पर सूचना दी और खुद बच्ची को संभालकर सुरक्षित रखा।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने तत्काल बाल अधिकारों की सुरक्षा से जुड़े टोल फ्री नंबर 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) को मामले की जानकारी दी। 1098 की टीम मौके पर पहुंची और बच्ची के वाइटल साइन चेक किए। प्राथमिक जांच में बच्ची की हालत स्थिर पाई गई, जिसके बाद उसे बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

गौरतलब है कि 1098 की टीम के पहुंचने से पहले तक रेशमा बानों ही उस नवजात की देखभाल कर रही थीं। यदि समय रहते सूचना न दी जाती तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी।

पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। आसपास के इलाकों में पूछताछ की जा रही है ताकि उस मां की पहचान की जा सके जिसने बच्ची को इस हालत में छोड़ा। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि घटना के पीछे क्या कारण रहे।

इस घटना ने एक बार फिर समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि जहां एक ओर बेटियों को बचाने और पढ़ाने की मुहिम चलाई जा रही है, वहीं दूसरी ओर ऐसी घटनाएं मानवता को शर्मसार कर रही हैं। हालांकि रेशमा बानों जैसी संवेदनशील महिलाएं यह साबित करती हैं कि समाज में इंसानियत अब भी जिंदा है।

अनुज मौर्य रिपोर्ट

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