अब्बास अंसारी-निखत की मुलाकात पर फिर बड़ा एक्शन, चित्रकूट जेल के जेल अधीक्षक, जेलर और वार्डर गिरफ्तार

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चित्रकूट। मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी और बहू निखत बानो की असंवैधानिक तरीके से जेल में मुलाकात में योगी सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। पांच दिनों से चल रही गहन पूछताछ के बाद चित्रकूट जेल के अधीक्षक, जेलर और वार्डर को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया।
तीनों से पिछले पांच दिनों से एसआईटी पूछताछ कर रही थी। पूछताछ में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। इसी के बाद तीनों की गिरफ्तारी की गई है। इससे पहले डिप्टी जेलर को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। पता चला है कि मुख्तार की तरफ से वाहनों में फंडिंग, नकदी और जेवरात उपहार दिए गए थे। तीनों को सोमवार को अदालत में पेश कर जेल भेजा जाएगा।

तीनों से 5 दिनों तक चली पूछताछ

गिरफ्तार किए गए जेल अधीक्षक, जेलर और वार्डर को पांच दिनों से एसआईटी ने अपनी हिरासत में लिया था। उनसे लगातार पूछताछ चल रही थी। पता चला कि जिला कारागार में विधायक अब्बास अंसारी से पत्नी निखत बानो की बेरोक-टोक मुलाकात के बदले उपहार के तौर पर वाहन खरीद में फंडिंग, नकदी व जेवरात लेने के साक्ष्य मिल चुके हैं।

बता दें कि दस फरवरी को डीएम-एसपी की छापेमारी के दौरान निखत बानो को जेल के अंदर से गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में जेल अफसरों व वार्डरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। अभी तक निखत बानो, उसके चालक नियाज सहित सपा नेता फराज खान, कैंटीन सप्लायर नवनीत सचान व डिप्टी जेलर चंद्रकला को जेल भेजा जा चुका है।

इनके बाद लगातार पांच दिन से एसआईटी मुकदमे में नामजद निलंबित जेल अफसरों, वार्डरों के साथ ही कुछ अन्य चिन्हित मददगारों से पूछताछ कर रही है। एसआईटी ने निलंबित जेल अधीक्षक अशोक कुमार सागर, जेलर संतोष कुमार, डिप्टी जेलर पीयूष पांडेय, वार्डर जगमोहन से कई बार अलग-अलग व आमना-सामना करा पूछताछ की है।

विधायक अब्बास अंसारी को जेल के अंदर सुख-सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही निखत बानो से रोजाना बिना इंट्री मुलाकात कराने के एवज में जेल अफसरों, वार्डरों को न केवल नकदी दी गई बल्कि जेवर और वाहन खरीदवाए गए।

चर्चित वार्डर जगमोहन पर शिकंजा

मामले में नामजद निलंबित जेल वार्डर जगमोहन पर एसआईटी का शिकंजा बढ़ गया है, माना जा रहा है कि जेल के अंदर अब्बास की खातिरदारी की जिम्मेदारी वही उठाता था। तीन दिन में उससे कई दौर पूछताछ की गयी है, उपहार के तौर पर किस तरह किसे कितनी-कितनी रकम, वाहन, जेवर दिए गए, इसकी काफी कुछ जानकारी उससे जुटाई गई है।

जगमोहन को मिली कार व प्लाट के संबंध में भी कुछ साक्ष्य एसआईटी को मिले हैं। जगमोहन जेल में 14 मई 2021 को हुए गैंगवार के दौरान चर्चा में रहा। गैंगवार में सीतापुर के गैंगस्टर अंशुल दीक्षित ने मुख्तार अंसारी के गुर्गे मुकीम काला व मेराज अली को ढेर किया था। इसके पहले वर्ष 2018 में बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या में भी जगमोहन का नाम चर्चा में आया था।

  • पुष्पराज कश्यप
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