आखिर जाग ही गई संत मदन गोपाल दास की मानवता

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चित्रकूट (सतना) । धर्म नगरी चित्रकूट धाम के प्रमुख मंदिर कामदगिरि प्रदक्षिणा का प्रमुख द्वार राम मोहल्ला के संचालक मदन गोपाल दास की बीते दिनों हुई किरकिरी और थू – थू के बाद आखिर कार सद्बुद्धि आ ही गई। और आज आखिर कार मदन गोपाल दास कोरोंना संकट के चलते लाचार,बेबस और मजबूरों को भोजन कराने निकल पड़ें। मदन गोपाल दास ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के कार्यकर्ताओं को साथ लेकर आज आरोग्य धाम चित्रकूट के पास पड़े बेबस,लाचार और मजबुर भिखारियों के साथ ही साधू – संतो और अभ्यागतों को भोजन खुद भोजन परोसने के साथ ही यह वादा किया कि वो प्रतिदिन उन्हें भोजन कराने आएंगे। यहां यह बताना उचित होगा कि बीते दिनों कामदगिरि प्रदक्षिणा का प्रमुख द्वार राम मोहल्ला में नियमित रूप से भोजन करने वाले कुछ बेबस और लाचारों ने यह आरोप लगाया था कि इस समय उन्हें राम मोहल्ला में पेट भर भोजन नहीं दिया जाता।पूछने पर कि क्यो नही दिया जाता।जिस पर इन लोगो ने बताया कि कहा जाता है कि इस समय भीड़ बहुत होती है। जबकि कामदगिरि प्रदक्षिणा का प्रमुख द्वार राम मोहल्ला स्थान धर्म नगरी चित्रकूट का प्रमुख मंदिर होने के साथ ही यहां पर प्रति वर्ष करोड़ों रुपए का चढ़ावा आता है। इस मंदिर के महंत स्वयंभू जगद गुरु और भगवानों के भगवान रामस्वरूपा चार्य और इनके छोटे भाई मंदिर के संचालक मदन गोपाल दास खुद लग्ज़री गाड़ियों में चलते हैं और डनलप के बिस्तरों पर सोते हैं। लेकिन इनके पास गरीब,लाचार,बेबस और मजलूमों को भोजन कराने के लिए पैसा नहीं है। बारहाल कुछ भी हो, किरकिरी के बाद ही सही, आखिर कार आज मदन गोपाल दास ने निकल कर भोजन कराया है

चित्रकूट (सतना) से विनोद शर्मा की रिपोर्ट।

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