आराजीलाईन ब्लॉक में मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप, ग्रामीणों में आक्रोश

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बाहरी मतदाताओं के नाम जोड़ने का आरोप, शादी के बाद पत्नी का नाम नहीं जोड़ने का आरोप, डुप्लीकेट वोटरों की है भरमार

वाराणसी: राजातालाब, आराजीलाईन विकास खंड क्षेत्र में प्रकाशित पंचायत की नई मतदाता सूची को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नाम जोड़ने और काटने की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। बीएलओ, सुपरवाइजर और निर्वाचन कर्मियों पर मनमानी करने के आरोपों से ग्रामीणों में नाराजगी है और निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। आराजीलाईन ब्लॉक क्षेत्र में मंगलवार यानी 23 दिसंबर को प्रकाशित की गई मतदाता सूची में गंभीर गड़बड़ियों के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ ही बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। आरोप है कि बीएलओ, सुपरवाइजर और निर्वाचन कार्य में तैनात कर्मचारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए मनमाने ढंग से नाम जोड़ने और काटने का कार्य किया है।

ग्रामीणों के अनुसार धांधली का सबसे बड़ा मामला कचनार व रानी बाजार गांव से सामने आया है। यहां वर्षों से मतदान कर रहे कई वैध मतदाताओं के नाम सूची से गायब मिले, जबकि बाहरी और संदिग्ध मतदाताओं के नाम जोड़ दिए गए। इतना ही नहीं, अन्य गांवों में पहले से पंजीकृत मतदाताओं के नाम कचनार व रानी बाजार गांव की सूची में शामिल कर दिए गए, जिससे पूरी निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं। मतदाता सूची में गड़बड़ी का एक चौंकाने वाला मामला भी सामने आया है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के कई लोगों का सूची में दो जगह नाम शामिल हैं डुप्लीकेट वोटरों की भरमार हैं उक्त घटना ने ग्रामीणों को हैरान कर दिया और संबंधित कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए। गांव के सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार गुप्ता, सोनू पटेल, बबलू पटेल, अरविंद विश्वकर्मा सहित अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह धांधली सुनियोजित तरीके से की गई है। ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

बता दें कि उत्तर प्रदेश में आगामी त्रि-स्तरीय पंचायत चुनावों की तैयारियां जोरों पर हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम की समय-सारिणी जारी कर दी है, जिसके तहत 23 दिसंबर को पंचायत चुनाव की मतदाता पुनरीक्षण सूची प्रकाशित की गई।

निर्वाचन आयोग के अनुसार, इस पुनरीक्षण सूची पर मतदाता 30 दिसंबर 2025 तक अपनी आपत्तियां या दावे दर्ज करा सकेंगे। संबंधित अधिकारी प्रत्येक प्राप्त आपत्ति और दावे की जांच कर उन्हें निस्तारित करेंगे। सभी आपत्तियों के निपटारे के बाद अंतिम मतदाता सूची 6 फरवरी 2026 को जारी की जाएगी। इसके बाद मतदाता सूची में किसी भी प्रकार का संशोधन या फेरबदल नहीं किया जाएगा।


राजकुमार गुप्ता रिपोर्ट

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