कोरोना की मार में इंसानियत ही सबसे बड़ा मरहम: डॉ. रूपल सिंह

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खीरों, रायबरेली। जहां पुलिस, डॉक्टर ड्यूटी देकर लोगों को कोरोना वायरस जैसी प्राण घातक बीमारी से बचाने के लिए दिन – रात एक कर रहे हैं। कोरोना महामारी में चिकित्सक मरीजों को उपचार देकर अपना फर्ज निभा रहे हैं तो वही खाकी सड़क पर रहकर लोगों को अंदर रहने की अपील करते हुए बीमारी से बचाने में जुटे हैं।

वही खीरों ब्लॉक के भीतरी ग्राम सभा दीपारमऊ गांव की रहने वाली डॉक्टर दंपत्ति  परिवार ने क्षेत्र में महिलाओं, बच्चों और वृद्धों को सैनिटाइजर,मास्क और आयुर्वेदिक काढ़ा वितरित किया।

गौरतलब है कि कोरोना से वैसे तो हर कोई परेशान है लेकिन जरूरतमंदों के लिए यह महामारी तकलीफों भरी है। किसी के परिवार की दो रोटी का आसरा छिन गया है तो कोई इस मुश्किल वक्त में दवा खत्म होने से परेशान है । लाकडाउन से प्रभावित रोजाना कमाकर गुजारा करने वालों के लिए मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है।

वही डॉ धर्मेंद्र और उनकी पत्नी एमडी स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ रूपल सिंह ने आज जरूरतमंदों को अपने आस पास के क्षेत्रों में जाकर मास्क डिटॉल साबुन, सैनिटाइजर, मास्क और करोना से लड़ने वाला आयुर्वेदिक काढ़ा लोगों को वितरित किया। और महिलाओं को सैनिटरी नैपकिन भी बांटने का कार्य कर रही हैं।

रूपल सिंह ने कहा कि इस महामारी में एक तरफ जहां गरीब व्यक्ति राशन तक खरीद नहीं सकते है। उसकी हर संभव मदद की जाएगी।

  • अनुज मौर्य
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