रायबरेली: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने सरकार पर बड़ा हमला किया हैं। उन्होंने गौ रक्षा और बटुकों के अपमान पर सवाल उठाए है।अपने बेबाक बयानों के लिए चर्चित ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने रायबरेली यश पांडे के घर पर,प्रवास के दौरान सत्ताधारी दल और सरकार पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने गौ माता की दुर्दशा और बटुकों के साथ हो रहे व्यवहार को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ‘गौ रक्षा की आवाज दबाना चाहती है सरकार’।
शंकराचार्य ने कहा कि वर्तमान सरकार केवल दावों तक सीमित है, हकीकत में वह गौ रक्षा करने की इच्छुक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो भी व्यक्ति या संगठन गौ हत्या के खिलाफ या गौ माता के सम्मान में आवाज उठाता है, सरकार उस पर फर्जी मुकदमे लादकर उसकी आवाज को दबाने का प्रयास करती है। उन्होंने इसे सनातन धर्म की मूल भावनाओं के साथ खिलवाड़ बताया।
बटुकों (संस्कृत विद्यालयों के विद्यार्थियों) के अपमान का मुद्दा उठाते हुए शंकराचार्य ने भाजपा को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि खुद को हिंदू पार्टी कहने वाली भाजपा के राज में बटुकों का अपमान हो रहा है, लेकिन अभी तक दोषियों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। जो बटुकों का अपमान करेगा, उसे प्रकृति और धर्मदंड से सजा मिलकर रहेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दी गई मियाद पर
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि योगी जी को दी गई 40 दिन की मियाद अब पूरी हो चुकी है। शंकराचार्य के अनुसार, यह समय यह सिद्ध करने के लिए था कि वे ‘असली हिंदू’ हैं या नहीं, लेकिन अभी तक उनकी ओर से कोई ठोस प्रमाण या कार्ययोजना सामने नहीं आई है। जो हिंदुओं की मूल समस्याओं, विशेषकर गौ रक्षा पर उनके संकल्प को स्पष्ट करे।
शंकराचार्य के इन बयानों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्म की रक्षा केवल नारों से नहीं, बल्कि ठोस निर्णयों और गौ माता को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा देने से होगी।
वही सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम रहे है शादी-वादी में भी पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था सीओ सिटी अरुण नौहार व सदर कोतवाल शिवशंकर सिंह, मिल एरिया थाना प्रभारी बिंद विनय भी मौजूद रहे है।
अनुज मौर्य रिपोर्ट


