महराजगंज, रायबरेली– सड़कों से लेकर खेत – खलिहानों तक मवेशियों का कब्जा है। जिससे फसलें तो प्रभावित होती ही है साथ ही मार्ग दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। विकासखंड के कुशमहुरा, कैर, पूरे रानी, पाली व पूरे मूढू सहित दर्जनों गांवों के किसान बेसहारा पशुओं से हो रही फसलों की बर्बादी से आहत हैं। जिधर से भी गुजरिए सड़कों के किनारे, बागों में दर्जनों की तादाद में बैठे हुए छुट्टा मवेशी खेतों में खड़ी फसलों को चट कर जाते हैं। कड़ी मेहनत से तैयार फसलों को बचाने के लिए किसान खेतों में ही फूस की मड़ई बना कर दिन-रात रखवाली करने को मजबूर हैं।
विकास क्षेत्र में आधा दर्जन गौशालाओं में क्षमता से अधिक बेसहारा पशुओं को रखा गया है। नाम न छापने की शर्त पर गौशाला संचालित करने वाले प्रधानों ने बताया कि पशुओं के संरक्षण के लिए चारे भूसे का भुगतान समय से नही हो पाता कभी कभी तो चार माह से अधिक समय भुगतान में लग जाता है।
1- कुशमहुरा गांव के किसान विवेक मिश्रा ने बताया कि कई बार खड़ी फसल नष्ट हो गई है। किसी तरह जाग कर फसलें बचा रहे हैं।
2- किसान आशीष मौर्य ने कहा कि जब से खेत के चारों तरफ कंटीले तारों को लगाने पर सरकार ने पाबंदी लगा दी है। तब से फसल बचाने में ज्यादा परेशानी होती है।
3- पूरे रिसाल गांव निवासी विनोद कुमार ने बताया कि छुट्टा मवेशी व नीलगाय अधिकता में हो गई है। झुंठ में मवेशी आकर फसलों को नष्ट कर देते हैं। सरकार को किसानों के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
रिपोर्ट- अशोक यादव एडवोकेट
छुट्टा मवेशियों से किसान परेशान
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