रायबरेली।ऊंचाहार पुलिस पर जमीनी मामले में एक ही परिवार के चार लोगों पर झूठा मुकदमा दर्ज कर दो को जेल भेज दिए जाने का गंभीर आरोप लगा है पीड़ित परिवार बच्चों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। एसपी को दिए गए पत्र में शहजाद पुर पहाड़ी निवासिनी रमेश सिंह पत्नी गुड्डन सिंह ने बताया कि उसका जमीनी मामला परिवार के ही बृजेश सिंह,रजोल, कल्लू,पुत्तन पुत्रगण स्व: शिवराम सिंह के बीच चल रहा था। घटना दिनांक 23 अप्रैल 26 की है उपरोक्त विपक्षी गण विवादित जमीन पर कब्जा करने की नीयत से बांस बल्ली गाडकर कल्टीवेटर आदि रखने लगे विरोध करने पर फौजदारी अमादा हो गये। इसके पूर्व 22 अप्रैल 26 को फतेहपुर जनपद से आए हथियारबंद बदमाशों को बुलवाकर धमकी भी दिलवा चुके हैं जो सीसीटीवी कैमरे में कैद हो सकती है। जिसकी सूचना लिखित रूप से थाने पर की गई पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलाया था मामला निस्तारण न होने पर पुलिस ने दोनों पक्षों को शांति भंग में पाबंद कर दिया। जबकि पूर्व में ग्राम प्रधान व लेखपाल द्वारा फैसला प्रार्थनी के पक्ष में कर चुके हैं। जमानत करा घर के सदस्य घर नहीं पहुंचे की पहले से घात लगाए विपक्षी गणों ने साजिश के तहत प्रार्थनी का बड़ा बेटा टिंकू सिंह जैसे ही मोटरसाइकिल से उतरा कि विपक्षियों ने फायरिंग कर दी जिसे टिंकू के हाथ को छूकर निकल गई अकेले होने व जान की रक्षा हेतु भाग निकला सूचना डायल 112 पर की गई मौके पर पुलिस भी पहुंची लेकिन विपक्षियों ने पुलिस को भ्रामक सूचना देकर भारी पुलिस बल बुलाते हुए झूठी अफवाह फैला दिया कि टिंकू व उनके भाई और पिता ने हवाई फायर किया है जब कि पीड़िता का दावा है कि जब कि घटना पुलिस दर्शा रही है उस समय उनके पति और दो बेटे एसडीएम कोर्ट पुलिस अभिरक्षा में जमानत कर रहे थे तो एक ही व्यक्ति एक साथ दो स्थान पर कैसे रह सकता है। पीड़िता ने मांग किया है कि जिस सीसीटीवी कैमरा का हवाला देकर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है वह फोटो और वीडियो सार्वजनिक किया जाए तब तक गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाए। इस संबंध में कोतवाल के सीयूजी नंबर पर संपर्क किया गया तो फोन नहीं मिल सका।
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ग्राम प्रधान सहित आधा दर्जन लोगों ने एसपी को सौंपा शपथ पत्र
रायबरेली। ऊंचाहार पुलिस द्वारा दर्ज किया गया झूठा मुकदमा और दो लोगों को जेल भेजे जाने को लेकर वर्तमान ग्राम प्रधान व पूर्व प्रधान सहित आधा दर्जन ग्रामीणों ने एसपी को शपथ पत्र देकर घटना को झूठा करार दिया है। ग्राम प्रधान ने कहा कि मुजरिम बनाए गए चार सदस्यों में से तीन तो उनके साथ एसडीएम कोर्ट में थे तो गोली कैसे चला दी।


