दहेज की बलि चढ़ी विवाहिता, आखिर क्यों पुलिस की लापरवाही पर उठा रहे परिजन सवाल

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हेज प्रताड़ना के बाद विवाहिता की मौत

रायबरेली -दहेज की मांग और लगातार हो रही प्रताड़ना ने एक विवाहिता की जान ले ली। ससुरालीजनों की मारपीट से गंभीर रूप से घायल हुई महिला ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद मायके पक्ष में आक्रोश फैल गया और परिजनों ने शव रखकर कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। पुलिस के आश्वासन के बाद अंतिम संस्कार कराया गया।
दो वर्ष पहले हुई थी शादी
लालगंज कोतवाली क्षेत्र के बसंतपुर कठोईया निवासी गंगा दयाल ने अपनी 25 वर्षीय बेटी अनामिका की शादी दो वर्ष पूर्व डलमऊ कोतवाली क्षेत्र के पूरे नान्ही करकशा निवासी नरेंद्र कुमार के साथ की थी। परिजनों का आरोप है कि शादी में सामर्थ्य अनुसार दान-दहेज दिया गया, लेकिन इसके बाद भी ससुराल पक्ष संतुष्ट नहीं था और विवाहिता को लगातार प्रताड़ित किया जाता रहा।
शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
मृतका के भाई अंकित के अनुसार 12 मई को अनामिका के साथ ससुराल पक्ष ने मारपीट की थी। इसके बाद वह बहन को लेकर डलमऊ कोतवाली पहुंचा और तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की और दोनों को वापस भेज दिया। आरोप है कि पुलिस की निष्क्रियता के चलते आरोपियों के हौसले बढ़ गए।
फिर हुई बेरहमी से पिटाई
परिजनों का कहना है कि अगले ही दिन पति, सास, ससुर, देवर और ननद ने मिलकर अनामिका की जमकर पिटाई की, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। सूचना मिलने पर मायके पक्ष के लोग पहुंचे और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए। हालत बिगड़ने पर उसे लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर किया गया, जहां रविवार को उसकी मौत हो गई।
शव रखकर किया प्रदर्शन
सोमवार को मायके पक्ष के लोगों ने शव रखकर ससुराल पक्ष की गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने काफी देर तक समझाने का प्रयास किया। मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के आश्वासन के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए।
रो-रोकर बेसुध हुए पिता
पिता गंगा दयाल का कहना है कि उन्होंने मजदूरी करके बेटी की शादी धूमधाम से की थी। बेटी की सास की मांग पर सोने की चेन तक दी गई थी। शादी में किसी प्रकार की कमी न रहे, इसके लिए कर्ज तक लेना पड़ा। इसके बावजूद दहेज लोभियों ने उनकी बेटी की जान ले ली।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। महिला सुरक्षा और उत्पीड़न पर सख्त कार्रवाई के दावे करने वाली पुलिस शिकायत मिलने के बाद भी सक्रिय नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस कार्रवाई कर देती तो विवाहिता की जान बच सकती थी। महिला उत्पीड़न के मामलों में पुलिस की लापरवाही लोगों में नाराजगी का कारण बन रही है।

विमल मौर्य /योगेंद्र मौर्य रिपोर्ट

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