पेट्रोल पंपों पर अब मिलेगा सुपीरियर केरोसिन, जाने क्या खासियत है इस केरोसिन की

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Superior Kerosine Oil: ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है. इस बीच, केंद्र सरकार ने आम आदमी को बड़ी राहत देते हुए रसोई गैस (LPG) की संभावित कमी से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. पेट्रोलियम मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, अब राशन की दुकानों के साथ-साथ चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर भी केरोसिन उपलब्ध कराया जाएगा. मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नियमित कोटे के अतिरिक्त 48,000 किलोलीटर सुपीरियर केरोसिन तेल (SKO) आवंटित किया है. इस फैसले का मुख्य उद्देश्य खाना पकाने और रोशनी के लिए वैकल्पिक ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना है.

क्‍या होता है सुपीरियर केरोसिन?

SKO का मतलब है- सुपीरियर केरोसिन ऑयल (Superior Kerosene Oil). ये साधारण केरोसिन का एक अधिक रिफाइंड और शुद्ध रूप है,  जिसे मुख्य रूप से घरेलू और विशिष्ट औद्योगिक उपयोग के लिए तैयार किया जाता है. मुख्य अंतर इसकी शुद्धता और ज्वलनशीलता में होता है. SKO को इस तरह तैयार किया जाता है कि जलते समय यह बहुत कम धुआं और गंध पैदा करे. इसकी ‘स्मोक पॉइंट’ (Smoke Point) अधिक होती है, जिससे यह बिना कालिख छोड़े साफ लौ के साथ जलता है.

कहां इस्‍तेमाल होता है SKO? 

आम तौर पर लोग इसका उपयोग मुख्य रूप से घरेलू ईंधन (स्टोव और लालटेन), सफाई एजेंट (ग्रीस हटाने), और पेंट उद्योग में विलायक के रूप में होता है. भारत में सरकार इसे सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के माध्यम से रियायती दरों पर भी उपलब्ध कराती है.  

  • उच्च शुद्धता: रिफाइनिंग के कारण इसमें अशुद्धियां कम होती हैं.
  • कम धुआं और गंध: इसका ‘स्मोक पॉइंट’ अधिक होता है, जिससे यह जलते समय बहुत कम धुआं और तीखी गंध पैदा करता है.
  • सुरक्षित उपयोग: घरों के अंदर स्टोव और लालटेन में इस्तेमाल के लिए यह अधिक सुरक्षित और प्रभावी माना जाता है क्योंकि यह बिना कालिख छोड़े साफ लौ देता है.

सख्त नियम और शर्तें 

  • सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा केवल घरेलू जरूरतों के लिए है. इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं:
  • इसका उपयोग केवल खाना पकाने और रोशनी के लिए ही किया जा सकेगा.
  • केरोसिन का व्यावसायिक (Commercial) उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है.
  • पेट्रोल पंप संचालकों को स्टोरेज और वितरण का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा, जिसकी जांच कभी भी की जा सकती है.
  • मंत्रालय ने अस्थायी व्यवस्था और पैनिक बाइंग से बचने की अपील की है.

21 राज्यों में नए नियम

सरकार ने पेट्रोलियम सुरक्षा और लाइसेंसिंग नियमों में ढील देते हुए इसे देश के 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू करने का निर्णय लिया है. इनमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्य शामिल हैं, जहाँ पहले जन वितरण प्रणाली (PDS) के तहत केरोसिन नहीं दिया जाता था.

अनुज मौर्य रिपोर्ट

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