पलायन की पीड़ा पुस्तक ही नहीं बल्कि अलग राज्य की मांग का आधार है – डा. सूरज मंडल
दिल्ली-बुंदेलखंड एकता फाउंडेशन के तत्वावधान में प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में महोबा के वरिष्ठ पत्रकार और रचनाकार राकेश कुमार अग्रवाल की नवीन पुस्तक बुंदेलखंड : पलायन की पीड़ा – पृथक राज्य का बीड़ा का विमोचन वरिष्ठ चिंतक व विचारक एवं झारखंड राज्य निर्माण के लिए अपने को झोंक देने डा. सूरज मंडल के कर कमलों से किया गया। इस अवसर पर संबोधित करते हुए डा. सूरज मंडल ने कहा कि यह केवल एक पुस्तक नहीं बल्कि बुंदेलियों का दर्द शब्दों के माध्यम से छलका है और यह दर्द पृथक राज्य का आधार है। तीन राज्यों का निर्माण हो चुका है लोग बुंदेलखंड की मांग अभी भी वहीं पर अटकी पडी है। सरकार को चाहिए कि बुंदेलियों की मांग पर सहानुभूति पूर्वक विचार करे।
पुस्तक उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश जैसे दो बड़े राज्यों के बीच चक्की में गेहूं के साथ घुन की तरह पिसते बुंदेलखंड की हालिया सूरत , फटे हाली और बदहाली के साथ – साथ अधिकारियों के शोषण और घृणित राजनीति, बाहुबलियों, भूमाफियाओं की दबंगई, नदियों के विदोहन , पहाड़ों का खनन , यातायात, शिक्षा व चिकित्सा की लचर व्यवस्थाओं , किसानों की आत्महत्याओं के साथ साथ भारी संख्या में हो रहे गरीबों मजदूरों के पलायन की यथार्थ पीड़ा का जीवंत वर्णन है।
साथ ही यह पुस्तक अनेक सवाल खड़े करती है कि जब मराठियों का महाराष्ट्र हो सकता है , गुजरातियों का गुजरात , असमियों का असम , बिहारियों का बिहार है तो फिर बुंदेलखंडियों का बुंदेलखंड क्यों नहीं है। सात – सात नदियों वाला बुंदेलखंड सूखा और प्यासा क्यों है। अपार प्राकृतिक खनिज संपदा सम्पन्न होने के बावजूद क्षेत्रवासी भूखे पेट क्यों सोते हैं? यह इलाका देश के एक दर्जन राज्यों से भी बड़ा है फिर भी उपेक्षित क्यों हैं ? क्या भारत सरकार का दो करोड़ की आबादी वाले बुंदेलखंड के प्रति कोई उत्तरदायित्व नहीं है। क्या बुंदेलखंड सिर्फ वोट बैंक की तरह इस्तेमाल होता रहेगा। चुनाव आते ही कब तक यहां के लोगों को अलग राज्य का सब्जबाग दिखाकर भरमाया जाएगा।
यह पुस्तक अलग बुंदेलखंड राज्य को ही यहां के विकास का एक मात्र समाधान बताती है।
इस अवसर पर प्रसिद्ध अभिनेता व बुंदेलखंड विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष राजा बुंदेला , बुंदेलखंड एकता फाउंडेशन के नवोदित मेहरा , सुबोध सिन्हा , दीपाली सिन्हा , निकेश गर्ग ज्योति गर्ग , प्रमोद कुमार अग्रवाल , शिवम अग्रवाल , राजन धमेरिया , प्रवीण पाण्डे , अमिय बिन्दु , नौसेना से रिटायर्ड विजय शंकर सिंह समेत तमाम प्रबुद्ध जन व मीडियाकर्मी मौजूद थे . संचालन प्रसिद्ध सिने अभिनेता अभिनव चतुर्वेदी ने किया।
राकेश अग्रवाल रिपोर्ट


