वाराणसी: राजातालाब , साइबर सुरक्षा जागरूगता अभियान के तहत बुधवार को शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग एवं माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के सौजन्य से भारतमाता इंस्टीट्यूट आफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी राजातालाब में साइबर सुरक्षा से संबंधित कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि डॉ एस पी सिंह पूर्व कुलपति गुरु घसीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर ने बताया कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए सघन जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। इसी के मद्देनजर जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस विद्यालय के विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के लिए तैयार होने के लिए साइबर परिदृश्य के प्रति समझ बनानी होगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सोशल मीडिया ऐप बड़ी सावधानी से उपयोग में लाने चाहिए।
बतौर विशिष्ट अतिथि डा. अभिषेक कुमार सिंह डाटा साइंटिस्ट बेंगलुरु ने ए.आई. के बारे में बताया। उन्होने ए.आई. का साइबर अपराध में हो रहे दुरूपयोग के बारे में चेताया। उन्होने कहा कि डिजिटल अरेस्ट एक गंभीर समस्या है जो किसी को भी प्रभावित कर सकती है इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि हम ऑनलाइन सुरक्षा के लिए जागरूक रहे और सावधानी से अपने निजी डेटा का उपयोग करें।
निदेशक बंश नारायण र्शमा ने डिजिटल अरेस्ट के बारे में प्रेजेंटेशन, ऑनलाईन सुरक्षा के लिए सलाह, डिजिटल अरेस्ट के कारणों एवं परिणामों के बारे में बताया तथा अपने पेशेवर अनुभव के माध्यम से विद्यार्थियों को साइबर अपराध, सावधानियाँ तथा हैल्प डेस्क से अवगत करवाया। कार्यशाला में विद्यार्थियों से संवाद कर उनके सवालों के जवाब भी दिए गए। इससे पहले प्राचार्य हंश नारायण शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्र छात्राओं की उपस्थिति रही।
रिपोर्ट – राजकुमार गुप्ता
भारतमाता इंस्टीट्यूट आफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में साइबर सुरक्षा पर कार्यशाला आयोजन
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