महिला प्रधान रामरानी बनी रायबरेली वासियों के लिए मिसाल

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 ● प्रधान रामरानी कई दिनों से जरूरतमंदों के लिए अपने हाथों से बना रही थी भोजन

● प्रधान रामरानी ने पेश की मानवता की सच्ची मिसाल

रायबरेली। कोरोना महामारी को हराने के लिए देश में किए गए 21 दिन के लॉकडाउन से प्रभावित तो हर कोई है किंतु समाज का एक ऐसा भी तबका है जिसकी स्थिति रोज कुआं खोदने और रोज पानी पीने जैसी है। समाज का ऐसा वर्ग जिसकी जीविका का साधन मात्र मजदूरी और भिक्षा थी अथवा उसकी आय का कोई साधन नही है सबसे ज्यादा प्रभावित है। लॉकडाउन के चलते समाज का ऐसा निकला तबका घरों से न निकल पाने के कारण उपवास करने की कगार पर पहुंच चुका हैं। लॉकडाउन के दौरान ग्रामीण अंचल में कोई भी गरीब बेसहारा भूखा ना रहे जिसके लिए शासन की ओर से स्कूल की रसोइयों से भोजन बनवाकर गरीब ,बेसहारा एवं जरूरतमंदों को भोजन कराने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधानों को सौंपी गई है। महराजगंज उप जिलाधिकारी की पहल पर शिवगढ़ क्षेत्र में सबसे पहले शिवगढ़ क्षेत्र के ग्राम पंचायत नेरुआ रायपुर की महिला प्रधान रामरानी रावत, प्रधान प्रतिनिधि रतीपाल रावत लोगों की मदद के लिए आगे आए।

विदित हो कि रामरानी रायबरेली जिले की एक ऐसी महिला प्रधान जो पिछले कई दिनों से अपने घर में अपने हाथों से भोजन बनाकर सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए गांव के गरीब, बेसहारा एवं विधवा,बच्चों और भूमिहीन जरूरतमंदों को भोजन करा रही थी। यही नही नेरुआ प्रधान रामरानी ने शिवगढ़ क्षेत्र में सबसे पहले जनता किचन की शुरुआत की। शनिवार को ग्राम प्रधान रामरानी रावत ने प्राथमिक विद्यालय नेरहुआ रायपुर में विद्यालय की रसोइयों से भोजन बनवा कर करीब एक दर्जन गरीब, बेसहारा, विधवा,बच्चो एवं निराश्रितों जरूरतमंदों को भोजन कराया। भोजन कराने से पूर्व प्रधान पति विजय कुमार रावत ने सभी के साबुन से हाथ धुललाए तत्पश्चात सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए सभी को एक-एक मीटर की बिठाकर भोजन कराया। ग्राम प्रधान रामरानी रावत का कहना है कि उनके रहते गांव का कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं रहेगा ये उनकी नैतिक जिम्मेदारी है।

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