वो जो आंखों से एक पल ना ओझल हुए, लापता हो गए देखते देखते

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महराजगंज रायबरेली
वो जो आंखो से एक पल ना ओझल हुए, लापता हो गए देखते देखते! जी हां, महराजगंज प्रथम क़े जिला पंचायत सदस्य प्रभात साहू क़े कोरोना जैसी महामारी से लाकडाउन जैसी आपात स्थिति क़े बावजूद मऊ क्षेत्र में लापता होने क़े गली चौबारों में चिपके पोस्टर शायद यही बया करते दिखाई पड़ते है।
बताते चले की शनिवार की सुबह महराजगंज क्षेत्र क़े मऊ बाजार स्थित ग्रामीण बैंक, एटीएम, मेडिकल, किराना स्टोर सहित जगह जगह मौजूदा डीडीसी क़े लापता होने क़े चिपके पोस्टर सोशल मीडिया सहित पूरे क्षेत्र में सुर्खियां बटोरे है। प्रकरण में ग्रामीणों का कहना है की चुनाव बीतने को 3 साल होने को है तो वही लाकडाउन बीते एक महीने से जारी है किन्तु प्रभात साहू क्षेत्र में ना ही दिखाई पड़े और ना ही मऊ गांव में मदद को आगे आए। मऊ क्षेत्र क़े आक्रोशित मतदाताओ का कहना है चुनाव क़े समय हर सुख दुःख में साथ खड़े रहने का कोरा आश्वासन देने वाले प्रभात साहू लाकडाउन क़े समय नजर नही आ रहे, मऊ क्षेत्र कि छोटी बड़ी सभी जनता ने बड़े विश्वास क़े साथ प्रभात साहू का साथ चुनाव जिताने में दिया था लाकडाउन जैसी विषम परिस्थिति में भी यह नेता क्षेत्र में किसी की मदद को आगे नही आया जिससें आम जनता अपने को ठगा महसूस कर रही। प्रकरण में दुष्यन्त कुमार की उपरोक्त पंक्तिया ”कहा तो तय था चिराग हर एक घर क़े लिए, कहा चिराग मयस्सर नही सहर क़े लिए” बिल्कुल सटीक बैठती है। फिलहाल लोगो का मानना है की लापता होने क़े पोस्टर चिपकने क़े बाद शायद नेता जी को अपना चुनावी क्षेत्र याद आ जाए?

अनुज मौर्य/अशोक यादव रिपोर्ट

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