रायबरेली– एक गरीब महिला पिछले 6 महीनों से शादी अनुदान और प्रधानमंत्री आवास शहरी योजना के लिए दफ्तरों के चक्कर काटती रही, लेकिन उसे कोई राहत नहीं मिली।
महिला का आरोप है कि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की वेबसाइट से उसका आवेदन गायब हो गया है, जबकि दोबारा आवेदन करने पर आधार नंबर पहले से दर्ज बताया जा रहा है। वहीं पीएम आवास योजना में भी उसका आवेदन लंबित पड़ा है। जर्जर एक कमरे में रहने को मजबूर महिला ने 2 तारीख को जिलाधिकारी से मुलाकात की। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच और कार्रवाई के आदेश दिए हैं।अब महिला को उम्मीद है कि उसे जल्द ही योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
कागजी दौड़ से यह सामने आता है कि डूडा एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अधिकारी और कर्मचारी रिपोर्ट लगाने पर तो माहिर है लेकिन समस्याओं के निराकरण में शिथिलता बरती जा रही है!
अनुज मौर्य रिपोर्ट


