सर्वोदय नगर में जलभराव से मोहल्ले वाले बेहाल बदहाल रास्ता,कीचड़ में गिरकर लोग हो रहे चोटिल व राहगीर, जिम्मेदारों पर खड़े किए सवाल

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रायबरेली। नगर पालिका क्षेत्र के सर्वोदय नगर में मुख्य रास्ते की बदहाल स्थिति ने स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। वर्षों से जलभराव की समस्या से जूझ रहे इस रास्ते पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। बारिश और जलभराव के चलते गड्ढों में कीचड़युक्त गंदा पानी भरा रहने से राहगीरों का निकलना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

रास्ते की स्थिति सबसे अधिक स्कूली बच्चों और बुजुर्गों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। जलभराव के बीच लोगों द्वारा जगह-जगह बड़े-बड़े बोल्डर डाल दिए जाने से रास्ता और अधिक खतरनाक हो गया है। गड्ढों और पानी के कारण पैदल चलने वाले लोगों को संभलकर निकलना पड़ता है। आए दिन लोग फिसलकर कीचड़युक्त पानी में गिर रहे हैं और चोटिल हो रहे हैं।

स्थानीय निवासी चांदनी ने बताया कि खराब रास्ते के कारण वह स्वयं कीचड़युक्त पानी में गिरकर चोटिल हो चुकी हैं। उनका कहना है कि रास्ते की स्थिति ऐसी है कि रोजमर्रा के आवागमन में भी लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।

वहीं स्थानीय निवासी मुकेश दुबे ने बताया कि बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने में काफी दिक्कत हो रही है। रास्ते में जलभराव और गड्ढों के कारण अभिभावक बच्चों को लेकर चिंतित रहते हैं। खराब रास्ते का असर बच्चों के स्कूल आने-जाने पर भी पड़ रहा है और कई बार बच्चे स्कूल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जलभराव के कारण रास्ते पर गंदगी और कीचड़ की स्थिति बनी रहती है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी यहां से गुजरना जोखिम भरा हो गया है। लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि मौके का निरीक्षण कर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए और रास्ते का जल्द निर्माण कराया जाए।

मंगलवार 15 सितंबर 2026 को करीब एक बजे स्थानीय लोगों ने रास्ते की बदहाली को लेकर जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग उठाई। लोगों का आरोप है कि लंबे समय से समस्या के बावजूद जिम्मेदार विभाग द्वारा प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। इससे स्थानीय लोगों में जिम्मेदारों के प्रति रोष व्याप्त है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे अपनी मांग को लेकर उच्च अधिकारियों से शिकायत करने को मजबूर होंगे।

अनुज मौर्य रिपोर्ट

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