हजारों श्रद्धालुओं ने मुनि विश्वामित्र की तपोभूमि झारखंड में लगाई डुबकी

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मकर संक्रांति के पावन पर्व कर बुंदलेखंड के कई जिलों से आकर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने झारखंड में लगाई डुबकी गौरतलब हो किआज प्रातः से ही सैकड़ो ट्रेक्टर एवम कार तथा दोपहिया वाहन के द्वारा मुनि विश्वामित्र की तपोस्थली में नदी में स्नान किये एवम तिल दान किये उल्लेखनीय हो कि यह लोहड़ी पर्व सूर्य मकर राशि मे प्रवेश करते हैं उजाला बढ़ जाता है मान्यता है कि लोगो के जीवन में भी उजाला बढ़ जाता है ऐसे में हर श्रद्धालु बहते हुए जल में स्नान कर तिल दान कर घुलला खाकर अपने को स्वास्थ्य समझता है घर घर एक दिन पहले मगोड़ी भजिया का नाश्ता एक दूसरे की कराया जाता है झारखंड में प्राचीन मान्यता है कि मुनि विश्वामित्र ने यहाँ वर्षो तपस्या की एवम प्राचीन मंदिर में नदी स्नान करके पूजा अर्चना करते थे किदवंती है चाहे जितना नदी की धार टूट जाये या फिर सूखा जैसे हालात रहते हो मगर वीच नदी मेंवनी गुरु विश्वामित्र की प्रतिमा पर पानी नही हटता यही प्राचीन मान्यताएं लोगो को एवम श्रद्धालुओ को अपनी ओर आकर्षित करती है अब तो ग्राम पंचायत के द्वारा उस स्थान पर मेले का आयोजन भी किया जाता है जिससे दर्जनों गांव के लोग मेले में शामिल होते हैं। खास बात यह होती है इस1प्राचीन मंदिर में इस दिन भजन लमटेरे आदि का गायन भी महिलाओं एवम पुरुषों द्वारा किया जाता है मेले में स्थानीय पुलिस के द्वारा बढ़िया इंतजाम एवम पुलिस ड्यूटी भी दी जाती है एवम सारी व्यवस्था पर नजर रखती है। उल्लेखनीय हो कि मुनि विध्वमित्र की तपोभूमि में हर वर्ष बुड़की पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की प्रातः बुड़की लगाते हैं।

रिपोर्ट- राकेश कुमार अग्रवाल

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