सड़क-नाली निर्माण के नाम पर दर्जनों पेड़ों की कटान का आरोप, डीएम से जांच और कार्रवाई की मांग
रायबरेली। कोतवाली नगर क्षेत्र के हनुमंतपुरम में सड़क और नाली निर्माण के बीच करीब 20 वर्षों से खड़े हरे-भरे पेड़ों की कटान का मामला सामने आया है। पीड़िता मृग्या श्रीवास्तव ने पेड़ों की कटान का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया है। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले की जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मृग्या श्रीवास्तव का आरोप है कि पेड़ों को बचाने के लिए उन्होंने जिलाधिकारी, मुख्यमंत्री समेत कई अधिकारियों से शिकायत की थी। शिकायत के बाद कुछ समय तक काम रुका, लेकिन बाद में फिर पेड़ों की कटान कर दी गई। महिला का दावा है कि दर्जनों पुराने पेड़ काटे गए हैं।
मामले में सबसे बड़ा सवाल पेड़ों की कटान की अनुमति को लेकर है। महिला ने प्रशासन से जांच की मांग करते हुए पूछा है कि पेड़ों को काटने की अनुमति किस स्तर से मिली और क्या निर्माण कार्य के दौरान इन्हें बचाने का कोई विकल्प तलाशा गया था।
पेड़ों की कटान का विरोध करने पर मोहल्ले में विवाद बढ़ने और मारपीट की नौबत आने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़िता ने जिम्मेदारों पर मनमानी और दबंगई का आरोप लगाते हुए कहा कि वह पेड़ों को बचाने के लिए प्रशासन से लगातार गुहार लगाती रहीं, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के बीच उठे सवाल
सरकार जहां ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के जरिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रही है, वहीं वर्षों पुराने पेड़ों की कटान ने जमीनी स्तर पर अभियान की गंभीरता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। महिला ने कहा कि वह मामले की दोबारा शिकायत जिलाधिकारी, मुख्यमंत्री और अन्य अधिकारियों से करेंगी।
अब प्रशासन की जांच से ही स्पष्ट होगा कि पेड़ों की कटान नियमानुसार हुई या नहीं। साथ ही यह भी सामने आना बाकी है कि कितने पेड़ काटे गए, किसकी अनुमति से काटे गए और पर्यावरणीय नुकसान की भरपाई के लिए क्या कदम उठाए गए।
अनुज मौर्य रिपोर्ट


