पानी के लिए दर-दर भटक रहे ग्रामीण

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राजातालाब में शुद्ध पेयजल के लिए तरस रहे लोग: बजट के अभाव में दो वर्ष से पेयजल पाइपलाइन शिफ़्टिंग और ओवरहेड टैंक निर्माण लटका

वाराणसी। राजातालाब, लापरवाही व विभाग की उदासीनता के चलते लोगों को शुद्ध पेयजल नसीब नहीं हो पा रहा है। स्थानीय आराजीलाईन विकास खण्ड और तहसील मुख्यालय राजातालाब में बजट के अभाव में जल निगम ग्रामीण भिखारीपुर गाँव स्थित पेयजल पुनर्गठन योजनान्तर्गत ओवरहेड पानी टंकी दो साल से नया निर्माण व पाइपलाइन शिफ़्टिंग अधर में लटका है।

सरकार का दावा है कि प्रत्येक परिवार को टोटी से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। दो साल बाद भी पाइप लाइन शिफ़्टिंग, नया ओवरहेड टैंक निर्माण के लिए बजट न मिलने से सरकार के दावों की पोल खुल रही है। इस क्षेत्र में लोग शुद्ध जल पीने के लिए दुकान से पानी खरीदते हैं।

वर्ष 1995 से शुरू भिखारीपुर ग्राम पंचायत स्थित पानी टंकी 27 साल पुराना हो चुका है जिसके कारण जलापूर्ति के दौरान पंप व ट्यूबवेल आयेदिन खराब हो जाता है। विभागीय कर्मियों ने जांच की तो मालुम हुआ कि बोरिग व टंकी सहित पाइपलाइन खराब हो चुकी है।

आठ साल पहले विभाग ने लाखों रुपये खर्च करके नया बोर करा कर दूसरा ट्यूबवेल लगा दिया। इसके बाद 2020 में हाईवे सिक्स लेन चौड़ीकरण में जलापूर्ति की पाइपलाइन भिखारीपुर, मेहदीगंज, कचनार गाँव में जगह- जगह क्षतिग्रस्त होने और नई पाइपलाइन बिछाने का कार्य प्राधिकरण और निगम द्वारा अधूरा छोड़ दिया गया।

हाईवे चौड़ीकरण के कार्यदाई संस्था सामान समेट कर चले गए। दो साल बीत जाने के बाद भी ग्रामीणों को पानी टंकी से जलापूर्ति नहीं मिल पा रही है। कचनार गांव के रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार गुप्ता का कहना है कि जलापूर्ति न होने से मेहदीगंज, भीखारीपुर, कचनार, राजातालाब, रानी बाज़ार व परसुपुर गाँव के घरों में लगी टोटियां सूखी पड़ी हुई हैं। सार्वजनिक हैंडपंपों का पानी लगातार नीचे उतरता जा रहा है।

सड़क किनारे, सार्वजनिक स्थलों पर लगे हैण्डपम्प के सूखने से राहगीरों को पीने का पानी तक नहीं मिल पाता है। निजी सबमर्सिबल पंप लगाए लोगों के यहां सुबह-शाम पानी भरने वालों की भीड़ लगती है। कहा कि गर्मी के मौसम में, पानी खरीदकर पीना पड़ता है।

सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार गुप्ता के सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत पर तत्कालीन डीएम ने संज्ञान लेते हुए विभाग को निर्देशित किया था। धन मिलते ही शुरू होगा काम।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, जनसुनवाई व पीजी पोर्टल पोर्टल पर इस समस्या के समाधान हेतु मुख्यमंत्री योगी से सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार गुप्ता विगत दो साल से अनुरोध कर रहे है।

तत्कालीन ज़िलाधिकारी कौशलराज शर्मा के निर्देश पर निगम के तत्कालीन अधिशासी अभियंता सुधीर कुमार सिंह व जूनियर इंजीनियर कुणाल गौतम ने रिपोर्ट में बताया कि क्षतिग्रस्त पाइपलाइन शिफ़्टिंग और ओवरहेड टैंक नया निर्माण की आवश्यकता है।

जिस बावत पेयजल पुनर्गठन योजनान्तर्गत में सम्मिलित कर मे. एलएण्डटी द्वारा स्वीकृति एवं धनावंटन के लिए एसडब्लूएसएम को प्रेषित किया गया हैं स्वीकृति एवं धनावंटन के पश्चात उक्त कार्य करा दिया जाएगा। जैसे ही उक्त कार्य पूर्ण कराने के लिए धन मिलता है, काम शुरू किया जाएगा।

राजकुमार गुप्ता को एस्टीमेट स्वीकृत होने की जानकारी नहीं मिली है। दो साल बीत गए हैं, लेकिन शुद्ध पेयजल की आपूर्ति आजतक बहाल नहीं हो सकी है।

  • राजकुमार गुप्ता
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