ध्रुव चरित्र की कथा सुनकर मंत्र मुक्त हुए श्रोता।
जनपद के विकासखंड बीकापुर के तुलसी तिवारी का पुरवा धर्मगंज बोदहरी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथाव्यास अयोध्या धाम से पधारे आचार्य प्रवीन कृष्ण प्रभु जी ने भागवत कथा के प्रसंगों को सुनाते हुए कहा कि कपिल देव भगवान ने अपनी माता देवहूति को अष्टांग योग का सम्पूर्ण ज्ञान दिया जिसमें देवहूति मां ने प्रश्न किया किस प्रकार इस जीव को मुक्ति मिलती है कपिल देव भगवान ने अपनी माता देवहूति को एक-एक उत्तर से सभी आशंकाओ का समाधान किया। इसके अलावा कथा व्यास आचार्य प्रवीण कृष्ण प्रभु जी ने ध्रुव चरित्र का बहुत ही सुन्दर वर्णन किया कहा कि भगवान को प्राप्त करने के लिए किसी अवस्था और व्यवस्था की अवश्यकता नहीं होती है सिर्फ उसके लिए श्रद्धा और भक्ति होनी चाहिए कथा को सुनकर मौजूद सैकड़ो श्रोतागण मंत्र मुग्ध व भाव विभोर हो गए।कथा के मुख्य यजमान राम सजीवन तिवारी रवि तिवारी संतोष तिवारी हरिओम तिवारी अवधेश तिवारी हरि ओम योगेश तिवारीआदि लोग मौजुद थे।
रिपोर्ट- मनोज कुमार तिवारी
श्रद्धा और भक्ति से होती है भगवत प्राप्ति:—-आचार्य प्रवीन कृष्ण प्रभु जी
👁 11.7K views
11.7K views
Click


