अब 10 मिनट में डिलीवरी नहीं, इन कंपनियों ने बंद करी यह सर्विस

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ब्लिंकिट ने 10 मिनट डिलीवरी की सर्विस बंद करने का ऐलान किया है और उम्‍मीद है कि बाकी क्विक कॉमर्स कंपनियां भी यह सर्विस बंद कर देंगी. सरकार के हस्‍तक्षेप के बाद गिग वर्कर्स की सिक्‍योरिटी के मद्देनजर ये फैसला लिया गया है.

    10 मिनट डिलीवरी सर्विस बंद. (Photo: PTI)

    10 मिनट डिलीवरी सर्विस बंद.

    The REPORTS today बिजनेस डेस्क

    • नई दिल्‍ली,
    • 16 जनवरी 2026

    गिग वर्कर्स की सिक्‍योरिटी को लेकर सरकार सख्‍त हो गई है. केंद्र सरकार के हस्‍तक्षेप के बाद ब्लिंकिट ने 10 मिनट में डिलीवरी वाले फीचर हटाने का फैसला किया है. ब्लिंकिट अपने सभी ब्रांड से क्विक कॉमर्स का फीचर्स हटाएगा. ब्लिंकिट के इस फैसले के बाद Flipkart, Zepto, Swiggy और Zomato के द्वारा भी 10 मिनट वाली सर्विस बंद किए जाएंगे. 

    दरअसल, 10 मिनट में डिलीवरी की सुविधा को लेकर ऊपजे विवाद पर श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने क्विक कॉमर्स कंपनियों से बात कीं. जिसके बाद अब Zomato अपने सभी प्लेटफॉर्म से 10 मिनट में डिलीवरी वाली सुविधा को खत्म करने का ऐलान किया है. बाकी सभी क्विक कॉमर्स कंपनियां भी धीरे-धीरे इस सेवा को खत्म करने वाली हैं. 

    Zomato के इस फैसले का असर मंगलवार को शेयर बाजार में दिखा. ब्लिंकिट की पैरेंट कंपनी Eternal के शेयर में 3.16 फीसदी की तेजी आई, जबकि Swiggy के शेयरों में 0.17% की तेजी आई. 

    उम्‍मीद की जा रही है कि 10 मिनट वाली सर्विस बंद होने से कंपनियां अपने कोर बिजनेस पर फोकस करेंगी. इससे कंपनी के प्रोडक्‍ट्स गुणवत्ता में सुधार होगा. साथ ही गिग वर्कर्स की सेफ्टी भी बढ़ेगी. आइए जानते हैं, इस सर्विस के बंद होने से क्विक कॉमर्स कंपनियों पर क्‍या असर पड़ेगा? 

    10 मिनट में डिलीवरी घाटे का सौदा 


    Blinkit और स्‍वि‍गी जैसी कंपनियों के तिमाही नतीजे देखने के बाद पता चलता है कि क्विक कॉमर्स वाली कंपनियां अभी भी घाटे में हैं, क्‍योंकि क्विक कॉमर्स बिजनेस से इनकी लागत में बढ़ोतरी हुई है. तेजी से डिलीवरी के खर्च बढ़ने के बावजूद मुनाफा नहीं बन रहा है, यानी ’10 मिनट डिलीवरी’ मॉडल से आर्थिक नुकसान बढ़ा है.

    10 मिनट में डिलीवरी से क्‍यों हो रहा था नुकसान? 


    भारत में क्विक कॉमर्स (Instant Delivery) कंपनियों जैसे Blinkit, Zepto, Swiggy Instamart ने पिछले 4 वर्षों में लगभग $1.4 बिलियन (12,300 करोड़ रुपये से अधिक) का नुकसान उठाया है, भले ही कारोबार तेजी से बढ़ रहा है. लेकिन 10 मिनट में डिलीवरी सुविधा देने के लिए कंपनियों को कम दूरी पर वेयर हाउस खोलना पड़ा, जिस कारण कंपनियों के लागत में बढ़ोतरी हुई है और नुकसान बढ़ा है. 

    10 मिनट में डिलीवरी बंद होने से क्‍या होगा असर? 


    कस्‍टमर्स ऑकर्षण कम होगा:  10 मिनट की डिलीवरी कंपनियों का सबसे बड़ा मार्केटिंग हुक रहा है. जब यह दावा हट जाएगा तो कस्‍टमर्स के लिए खरीदारी का आकर्षण कम हो सकता है. खासकर ऐसे लोग, जो जल्‍दी डिलीवरी के लिए ऐसे समानों का यूज करते हैं. इससे ऑर्डर की संख्‍या कम हो सकती है और सेल्‍स-रेवेन्‍यू पर दबाव पड़ेगा.

    यही नहीं, कोई कंपनी 10 मिनट की जगह 20 या 30 मिनट वाला विकल्‍प लेकर आती है तो इन सेक्‍टर्स की बाकी कंपनियों को कड़ी चुनौती मिल सकती है. साथ ही कंपनियों के ब्रांड वैल्‍यू में भी कमी आ सकती है, क्‍योंकि इसे हटाने से कंपनियों की पहचान में बदलाव आएगा. 

    अनुज मौर्य रिपोर्ट

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