एलजीबीटीक्यू+ समुदाय के मानसिक स्वास्थ्य पर रायबरेली में एक ऐतिहासिक पहल

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रायबरेली-समाज के हर वर्ग के मानसिक स्वास्थ्य को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, रायबरेली स्थित पहल फाउंडेशन संस्था द्वारा एलजीबीटीक्यू+ समुदाय के लिए विशेष मानसिक स्वास्थ्य वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लैंगिक अल्पसंख्यक समुदाय के बीच मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, सामाजिक स्वीकार्यता को मजबूत करना और आत्मसम्मान को प्रोत्साहित करना रहा।
इस वर्कशॉप का कुशल संचालन पहल फाउंडेशन के मैनेजर संदीप सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट एवं रायबरेली की जानी-मानी मोटिवेशनल स्पीकर रुमा परवीन उपस्थित रहीं।
रुमा परवीन ने अपने संबोधन में बताया कि
“मानसिक स्वास्थ्य किसी एक वर्ग या पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर इंसान का मौलिक अधिकार है। एलजीबीटीक्यू+ समुदाय को अक्सर सामाजिक उपेक्षा, भेदभाव और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ता है, ऐसे में मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करना बेहद ज़रूरी है।”
उन्होंने तनाव, अवसाद, आत्मस्वीकृति, पहचान से जुड़े संघर्ष, आत्मविश्वास और भावनात्मक संतुलन जैसे विषयों पर सरल और वैज्ञानिक तरीके से जानकारी दी। साथ ही यह भी बताया कि सही काउंसलिंग, सकारात्मक माहौल और सामाजिक समर्थन से मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने खुलकर अपने अनुभव साझा किए और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े सवाल पूछे, जिससे यह वर्कशॉप संवादात्मक और बेहद प्रभावशाली रही। उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समय की आवश्यकता बताया।
पहल फाउंडेशन के मैनेजर संदीप कुमार सिंह ने कहा कि
“संस्था का उद्देश्य है कि समाज के हर वर्ग तक मानसिक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचें, और एलजीबीटीक्यू+ समुदाय के लिए यह आयोजन उसी दिशा में एक सशक्त प्रयास है।”
कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि मानसिक स्वास्थ्य उतना ही महत्वपूर्ण है जितना शारीरिक स्वास्थ्य, और एक संवेदनशील, समावेशी समाज के निर्माण के लिए मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करना बेहद आवश्यक है।

अनुज मौर्य रिपोर्ट

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