अब गांवों तक आसान सफर: बिना परमिट निजी बसें दौड़ेंगी, 980 गांव ब्लॉक मुख्यालय से जुड़ेंगे

मुख्यमंत्री ग्रामीण परिवहन योजना से कनेक्टिविटी मजबूत, मामूली शुल्क देकर बस संचालन की मिलेगी अनुमति

रायबरेली। ग्रामीण इलाकों में यातायात सुविधा को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री ग्रामीण परिवहन योजना के तहत जिले के करीब 980 गांवों को ब्लॉक मुख्यालय से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। इस योजना की खास बात यह है कि अब गांवों में निजी बसें बिना पारंपरिक परमिट प्रक्रिया के भी चलाई जा सकेंगी।

योजना के तहत छोटे निजी वाहनों और बसों का संचालन गांव से ब्लॉक मुख्यालय तक किया जाएगा, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में काफी राहत मिलेगी। बस संचालकों को अलग से परमिट लेने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि उन्हें हर महीने केवल 1500 रुपये की निर्धारित शुल्क राशि निगम के खाते में जमा करनी होगी। इसके अलावा संचालन से होने वाली आमदनी वाहन मालिक की ही होगी।

इस पहल के लिए आवेदन प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इच्छुक वाहन स्वामी निर्धारित शुल्क के साथ आवेदन फार्म लेकर 28 मार्च तक जमा कर सकते हैं। आवेदन पत्रों की जांच के बाद जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति रूट तय करेगी और संचालन की अनुमति देगी।

योजना के अंतर्गत प्रत्येक रूट पर कम से कम दो बसें चलाई जाएंगी, ताकि यात्रियों को नियमित सेवा मिल सके। साथ ही एक बस एक से अधिक ब्लॉकों में भी संचालित की जा सकेगी, जिससे कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।

अधिकारियों के मुताबिक, इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था में सुधार होगा और लोगों को सस्ती व सुगम यात्रा का विकल्प मिलेगा। खासकर छात्रों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

 

 

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