रायबरेली -रायबरेली पुलिस ने बच्चों के अपहरण और मानव तस्करी से जुड़े एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। सदर कोतवाली वह एसओजी टीम की इस कार्रवाई में अब तक गिरोह के 9 अभियुक्तों मे चार महिला, पांच पुरुषको गिरफ्तार किया गया है, जबकि उनके पास से 9 माह के बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह लंबे समय से यूपी समेत कई अन्य राज्यों में सक्रिय था और बच्चों की तस्करी,अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है।
‘ बच्चा चोरी गैंग ’ के नेटवर्क का खुलासा
रायबरेली के पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने बुधवार को प्रेस वार्ता में बताया कि इस गिरोह का पर्दाफाश रायबरेली जिले के सदर कोतवाली थाना क्षेत्र मे अपहरण के बाद तफ्तीश के दौरान हुआ। बच्चों के लापता होने के बाद रायबरेली पुलिस ने जिले के अलावा अन्य जिलों और राज्यों में व्यापक छापेमारी अभियान चलाया, जिसके दौरान कुख्यात ‘बच्चा चोर गैंग’ के नेटवर्क का खुलासा हुआ। पीड़िता ने बताया कि अपने पति के साथ दिल्ली में रहती है 125.2026 को अपने पति से नाराज होकर दिल्ली से लखनऊ चारबाग रेलवे स्टेशन आ गई थी और अपने मायके सिंगरौली मध्य प्रदेश जाने के लिए टिकट लेकर त्रिवेणी एक्सप्रेस से यात्रा कर रही थी यात्रा के दौरान एक अज्ञात महिला व पुरुष उससे मिले और उसके साथ बैठ गए पीड़िता के साथ उसका बड़ा पुत्र जिसकी उम्र दो वर्ष और छोटा पुत्र 9 मा का था रायबरेली जनपद पहुंचने पर अज्ञात महिला ने छोटे बच्चों को खिलाने के बहाने गोद में उठा लिया और रायबरेली स्टेशन पहुंचने पर उक्त महिला व पुरुष प्राथमिक को पहले फुसलाकर स्टेशन के बाहर भोजनालय तक ले गए और मौका पाकर छोटे बच्चों को लेकर फरार हो गए वीरता ने इसकी तहरीर थाना कोतवाली सदर में दी जिस पर पुलिस द्वारा तत्काल टीम गठित करके सीसीटीवी और सर्विलांस के माध्यम से बच्चे की बरामदगी के प्रयास जारी कर दिया गया था पुलिस टीम द्वारा चोरी किए गए बच्चे को मुरादाबाद जिले के थाना क्षेत्र रेलवे कॉलोनी पानी की टंकी पास से बरामद कर लिया गयl
एक दशक से बच्चा चोरी और मानव तस्करी के धंधे में सक्रिय
पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह गिरोह पिछले करीब एक दशक से बच्चा चोरी और मानव तस्करी के धंधे में सक्रिय था। पुलिस के अनुसार, अब तक जिन बच्चों को गिरोह के चंगुल से छुड़ाया गया है, उन्हें रायबरेली रेलवे स्टेशन से चोरी किया गया था। फिलहाल, बच्चे क़ो उनके माता पिता को सौंप दिया गया है।
कई राज्यों में बच्चों को चोरी कर बेचा जाता था
गिरफ्तार अभियुक्तों में विरोधी खेरवार उर्फ अनुराग, एंथोनी खेरवार, प्रमोद कुमार, आशिक गोप, राज ख्वानी, नव खेरवार, सोनी कुमारी, चांदनी देवी, सीता देवी, दीनू भुईंया, सन्यासी खेरवार, मालिन देवी, बेबी देवी, सोनिया देवी और उपैया खेरवार शामिल हैं। इनके अलावा कई अन्य संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि यह गिरोह बच्चों को अगवा कर उन्हें बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे राज्यों में बेच देता था या उनसे भीख मंगवाने, पॉकेटमारी और अन्य आपराधिक गतिविधियां कराता था।
कुछ बच्चियों को देह व्यापार में धकेला गया
पुलिस इस आशंका की भी गंभीरता से जांच कर रही है कि इस नेटवर्क का संबंध मानव अंगों की तस्करी से तो नहीं है। अंश और अंशिका अपहरण मामले में गिरफ्तार रामकुमार दास रेशमा देवी किरनजीत सुमित कुमार संजय कुमार ब्रह्मपाल सिंह अर्चना बबीता हरिश्चंद्र को रायबरेली पुलिस ने रिमांड पर लिया है।
पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने पुलिस को बताया कि उनके संपर्क बिहार और बंगाल के अन्य बच्चा चोर गिरोहों से थे और बच्चों को बेचने का सौदा पहले से तय किया जाता था। पुलिस की सक्रियता के कारण कई सौदे पूरे होने से पहले ही नाकाम हो गए। पुलिस ने गिरोह के पास से वारदात में प्रयुक्त एक सफेद हुंडई वेन्यू कार भी जब्त की है। ग्रामीण, नगर और यातायात पुलिस अधीक्षकों के नेतृत्व में गठित सदर कोतवाली व एसओजी टीम अब भी अन्य चोरी के बच्चों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
अनुज मौर्य रिपोर्ट


