गर्भवती महिला का आरोप, दबंगई के आगे बेबस कानून

5564

खीरो , रायबरेली-रायबरेली के सेमरी थाना क्षेत्र से एक गर्भवती महिला की प्रताड़ना का मामला सामने आया है। महिला ने अपने ही जेठ पर गाली-गलौज, मारपीट, अभद्रता और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

मामला सेमरी थाना क्षेत्र के चक फेरसा गांव का है, जहां एक गर्भवती महिला ने आरोप लगाया है कि उसके जेठ अमित द्वारा लंबे समय से उसे प्रताड़ित किया जा रहा है। पीड़िता का कहना है कि उसके साथ कई बार मारपीट की गई और मानसिक रूप से परेशान किया गया।

परिजनों के मुताबिक महिला की डिलीवरी का समय नजदीक है। आरोप है कि शुक्रवार रात करीब नौ बजे आरोपी ने महिला के साथ गाली-गलौज की, अभद्र व्यवहार किया और जान से मारने की धमकी दी। इतना ही नहीं, गर्भवती महिला को घर से बाहर तक दौड़ाने का भी आरोप लगाया गया है। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

पीड़िता और उसके परिजनों का आरोप है कि उन्होंने कई बार पुलिस से शिकायत की, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। परिजनों का कहना है कि कार्रवाई न होने से आरोपियों के हौसले बुलंद हैं और पीड़ित परिवार लगातार भय के साये में जीने को मजबूर है।

वायरल वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों में भी नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्भवती महिला के साथ हुई कथित अभद्रता और धमकी के मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

इस संबंध में पुलिस का कहना है कि शिकायत और वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि पीड़िता के आरोप सही हैं तो आखिर उसकी शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और क्या वायरल वीडियो के बाद अब उसे न्याय मिल पाएगा?

मुकेश धानुक /प्रतीक सिंह रिपोर्ट

👁 5.6K views
5.6K views
Click