रायबरेली। नगर पालिका परिषद ने छोटे विकास कार्यों को लेकर अहम बदलाव किया है। अब 10 लाख रुपये से कम लागत वाले विकास कार्यों के लिए ई-टेंडरिंग कराना अनिवार्य नहीं होगा। नगर पालिका के इस निर्णय से वार्डों में सड़क, नाली, इंटरलॉकिंग और मरम्मत जैसे छोटे काम जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
नगर पालिका प्रशासन के मुताबिक, छोटे कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी होने में काफी समय लग जाता था। इसके चलते कई बार स्थानीय स्तर की समस्याओं के समाधान में देरी होती थी। नई व्यवस्था के बाद 10 लाख रुपये से कम लागत वाले कार्यों को नियमानुसार कोटेशन अथवा अन्य अनुमन्य प्रक्रिया के जरिए कराया जा सकेगा।
बड़े कामों पर लागू रहेगी ई-टेंडरिंग
नगर पालिका अधिकारियों के अनुसार, यह छूट केवल निर्धारित सीमा से कम लागत वाले विकास कार्यों तक सीमित रहेगी। 10 लाख रुपये या उससे अधिक लागत वाले कार्यों में ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया पहले की तरह जारी रहेगी।
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी स्वर्ण सिंह ने बताया कि छोटे विकास कार्यों के लिए नियमानुसार प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इससे वार्ड स्तर पर जरूरी कार्यों को समय से पूरा कराने में मदद मिलेगी।
नगर पालिका के इस फैसले से शहर के विभिन्न वार्डों में लंबे समय से लंबित छोटे निर्माण और मरम्मत कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।


