स्वास्थ्य मेले में ड्यूटी के दौरान आराम फरमाने का वीडियो वायरल,विभाग ने लिया स्पष्टीकरण
तेज बुखार की सफाई देकर मामला ठंडा करने की कोशिश,मरीज न होने का भी दिया गया तर्क
लालगंज(रायबरेली)।मुख्यमंत्री जन आरोग्य स्वास्थ्य मेले के दौरान ऐहार स्थित नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में वार्ड बॉय के चिकित्सा कक्ष की टेबल पर लेटे होने का वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई अब सवालों के घेरे में है।मामले में विभागीय जांच के बाद कर्मचारी से स्पष्टीकरण लेकर भविष्य में पुनरावृत्ति पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दे दी गई।ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या पूरे मामले में कार्रवाई के नाम पर महज खानापूर्ति कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया? सीएचसी अधीक्षक डॉ. नवीन कुमार के अनुसार,जांच में कर्मचारी के तेज बुखार से पीड़ित होने की बात सामने आई।दवा लेने के समय स्वास्थ्य केंद्र पर कोई मरीज नहीं था,इसलिए बुखार के चलते वह चिकित्सा कक्ष में लेट गया था। विभाग ने इसी आधार पर उसका स्पष्टीकरण लिया है।लेकिन तस्वीर का दूसरा पहलू भी सवाल खड़े करता है।यदि कर्मचारी इतना बीमार था कि ड्यूटी के दौरान आराम करना पड़ा,तो उसे बाकायदा चिकित्सकीय अवकाश या आराम की व्यवस्था क्यों नहीं दी गई? और यदि वह ड्यूटी पर था,तो एसी वाले चिकित्सा कक्ष में टेबल पर लेटकर आराम करना क्या स्वास्थ्य मेले की ड्यूटी का हिस्सा माना जाएगा? स्वास्थ्य मेले का उद्देश्य ग्रामीण मरीजों को एक ही स्थान पर जांच,उपचार और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना था।ऐसे विशेष आयोजन में कर्मचारी की जिम्मेदारी सामान्य दिनों से कम नहीं,बल्कि अधिक होती है।इसके बावजूद वायरल वीडियो में सामने आए दृश्य ने विभागीय निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।विभाग ने भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी जरूर दी है,लेकिन मौजूदा मामले में किसी ठोस कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।ऐसे में स्पष्टीकरण लेकर मामला निपटाने की कार्रवाई कितनी प्रभावी है और क्या इससे व्यवस्था में कोई वास्तविक सुधार होगा,यह बड़ा सवाल बना हुआ है।अब देखने वाली बात होगी कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले को सिर्फ स्पष्टीकरण और चेतावनी तक सीमित रखता है या ड्यूटी के दौरान कर्मचारी के आचरण और स्वास्थ्य केंद्र की निगरानी व्यवस्था की वास्तविक जिम्मेदारी भी तय करता है।
अनुज मौर्य/संदीप फिज़ा रिपोर्ट


