Raebareli –रायबरेली जनपद में लंबे समय से प्रतीक्षित शिक्षक समायोजन की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। नियम के तहत प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में छात्र-शिक्षक अनुपात को संतुलित करने के लिए यह कार्रवाई की जा रही है, जिसमें छात्र संख्या कम होने पर शिक्षकों को अन्य विद्यालयों में भेजा जाएगा और छात्र संख्या अधिक होने पर शिक्षकों की पदस्थापना की जाएगी।
समायोजन प्रक्रिया के दौरान प्राथमिक विद्यालयों की सूची पर कोई विशेष गतिरोध नहीं रहा, जबकि जूनियर हाईस्कूल (कक्षा 6, 7 और 8 वाले विद्यालयों) के स्तर पर मात्र 3 आपत्तियां दर्ज कराई गईं। इन सभी आपत्तियों के निराकरण के बाद विभाग ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली थीं।
प्रक्रिया को लेकर कानूनी स्थिति उस समय पूरी तरह साफ हो गई जब 31 अगस्त को हाईकोर्ट में इस मामले की महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। अदालत ने रायबरेली समेत उत्तर प्रदेश के 10 जनपदों में शिक्षक समायोजन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और इसके आदेशों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश जारी किए।
हाईकोर्ट का स्पष्ट आदेश आने के बाद जिला बेसिक शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है।
न्यायालय के इस आदेश के अनुपालन में रायबरेली जनपद में तैयार की गई अंतिम समायोजन सूची के दायरे में आने वाले लगभग 900 शिक्षकों को अपने वर्तमान विद्यालयों से कार्यमुक्त होना पड़ेगा।
विभाग की योजना के अनुसार, इन सभी शिक्षकों को उनके मौजूदा स्कूलों से हटाकर उसी ब्लॉक के अंतर्गत संचालित ऐसे विद्यालयों में भेजा जाएगा जो या तो पूरी तरह बंद पड़े हैं या फिर एकल शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं।
इस बड़े फेरबदल से जिले के कई विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर होने की उम्मीद है। हालांकि, जिन शिक्षकों को अपने वर्तमान स्कूलों से हटना पड़ रहा है, उनमें प्रशासनिक आदेश के पालन को लेकर हलचल तेज हो गई है। शिक्षा विभाग जल्द ही इन सभी 900 शिक्षकों के नए पदस्थापन आदेश जारी कर ब्लॉकवार तामील कराने की प्रक्रिया शुरू करेगा
अनुज मौर्य रिपोर्ट


